Yuva Haryana: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मामला सामने आया है। राज्य भर के सरकारी स्कूलों में कुल 15,451 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इनमें से 4,954 पद (लगभग 32%) अकेले नूंहमेवात जिले में खाली हैं।
यह जानकारी राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा द्वारा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के एक सवाल के लिखित जवाब में दी गई।
खाली पदों का प्रमुख आंकड़ा
- कुल खाली पद: 15,451
- TGT/ESHM पद: 7,707
- PGT पद: 3,998
- PRT/हेड टीचर पद: 3,746
- बिना चारदीवारी (Boundary Wall) वाले स्कूल: 135
सबसे ज़्यादा शिक्षकों की कमी वाले जिले
- नूंहमेवात: 4,954
- यमुनानगर: 1,721
- पलवल: 1,595
- गुरुग्राम: 1,130
- फरीदाबाद: 934
- अंबाला: 925
- सिरसा: 914
सरकार और विपक्ष का पक्ष
छात्रशिक्षक अनुपात (StudentTeacher Ratio): सरकार का कहना है कि राज्य का औसत छात्रशिक्षक अनुपात तय मानकों के भीतर है।
- प्राथमिक (Primary): 27:1 (मानक 30:1)
- उच्च प्राथमिक (UpperPrimary): 18:1
- माध्यमिक/उच्च माध्यमिक (Secondary/SeniorSecondary): 22:1
सरकार का रुख: शिक्षा मंत्री ने बताया कि खाली पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कुछ मामलों में अदालती मामलों (Litigation) के कारण भर्ती और पदोन्नति में देरी हुई है।
विपक्ष का हमला: हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे में ढील से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

