Yuva Haryana: सोनीपत जिले के गन्नौर स्थित गढ़ी बिलंदा गांव में अगस्त महीने में स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार (मेहराब/आर्च) के ढहने से हुई 11 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग (HHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इस मामले का दायरा बढ़ाते हुए राज्य सरकार को हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट (ढांचागत सुरक्षा जांच) कराने का आदेश जारी किया है।
खबर के मुख्य बिंदु :
व्यापक जांच के आदेश: अब जांच सिर्फ हादसे वाले स्कूल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की इमारतों, द्वारों, चहारदीवारी और छतों की सुरक्षा जांच होगी।
आयोग की बेंच: न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता और सदस्य कुलदीप जैन व दीप भाटिया की पीठ ने 1 अक्टूबर को यह आदेश पारित किया।
लापरवाही पर सवाल: हादसे से कुछ समय पहले (मई में) स्कूल का निरीक्षण हुआ था और 5.68 लाख रुपये की मरम्मत का अनुमान बना था, लेकिन काम समय पर पूरा नहीं हुआ।
सिर्फ रिपोर्ट जमा करना काफी नहीं, ठोस कार्रवाई जरूरी
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अधिकारियों के लिए केवल असुरक्षित ढांचों की पहचान करना या रिपोर्ट तैयार कर जमा कर देना ही काफी नहीं होगा।
अधिकारियों को जोखिम के प्रकार के आधार पर ठोस कदम उठाने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- जर्जर और असुरक्षित इमारतों की तत्काल मरम्मत और रखरखाव।
- खतरनाक हिस्सों की घेराबंदी (बैरीकेडिंग) या उन्हें ध्वस्त (Demolition) करना।
- आवश्यकता पड़ने पर ढांचों का पुनर्निश्र्माण (Reconstruction) कराना।
यह निर्देश माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक (Director General of Secondary Education), प्रारंभिक शिक्षा निदेशक (Director of Elementary Education) और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) के राज्य परियोजना निदेशक को जारी किए गए हैं।
हादसे से पहले हुआ था निरीक्षण, फिर भी टला नहीं हादसा
यह मामला बेहद गंभीर इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि जिस स्कूल में यह हादसा हुआ, उसका निरीक्षण घटना से कुछ ही समय पहले किया गया था:
19 मई: गन्नौर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया था।
22 मई: जूनियर इंजीनियर (JE) ने तकनीकी निरीक्षण किया।
1 जून: मरम्मत के लिए 5.68 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था।
हादसे के बाद अब स्कूल की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 26.05 लाख रुपये का नया एस्टीमेट तैयार कर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत को भेजा गया है।
विभाग की आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, कागजों पर आवश्यक प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कार्रवाई हादसे से पहले ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन धरातल पर काम न होने के कारण एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। Commission के इस कदम से अब प्रदेश के लाखों छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी स्कूलों की इमारतों की नए सिरे से जांच की जाएगी।

