Yuva Haryana : हरियाणा एवं पंजाब हाईकोर्ट ने हरियाणा सिविल सेवा और संबधित सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थी अपनी कैटेगरी में बदलाव नहीं कर सकते।
जस्टिस निधि गुप्ता ने इस संबंध में दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में एक अभ्यर्थी ने आवेदन की अंतिम तारीख निकलने के बाद खुद को सामान्य वर्ग से पिछड़ा वर्ग में बदलने की मांग की थी।
आवेदन की अंतिम तारीख के बाद मांगा कैटेगरी में बदलाव
मामला एचपीएससी की ओर से 26 फरवरी 2021 को जारी भर्ती विज्ञापन से जुड़ा था। आवेदन की अंतिम तारीख 2 अप्रैल 2021 निर्धारित थी। याचिकाकर्ता ने उस समय सामान्य वर्ग के तहत आवेदन किया था।
कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने कहा कि आवेदन की अंतिम तारीख तक ही अभ्यर्थी की श्रेणी, शैक्षणिक योग्यता और पात्रता की शर्तें निर्धारित हो जाती हैं। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद इनमें बदलाव की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि नई अधिसूचनाओं से पुरानी नियुक्तियों और प्रवेश प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा।
नवंबर 2021 की अधिसूचना भी इस मामले में लागू नहीं
सरकार ने नवंबर 2021 में नई अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने माना कि यह अधिसूचना इस मामले पर लागू नहीं होती, क्योंकि संबंधित भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी।
अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपनी कैटेगरी बदलने की मांग की थी, जबकि विज्ञापन की शर्तों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसी शर्तों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए तय नियम
हाईकोर्ट के इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया के दौरान कैटेगरी बदलने की मांग करने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है। आवेदन की अंतिम तारीख तक अभ्यर्थी की कैटेगरी और पात्रता संबंधी शर्तें तय हो जाती हैं और बाद में उनमें बदलाव नहीं किया जा सकता।

