Yuva Haryana : हरियाणा की एक महिला ने 10वें बच्चे को जन्म दिया है। महिला की इससे पहले 9 बेटियां थी। एक ऐसा ही मामला कुछ दिनों पहले भी सुर्खियों में रहा था, जिसमें जींद जिले की 37 वर्षीय महिला ने 19 साल में 10 बेटियों के बाद पहले बेटे को जन्म दिया था।
ताजा मामला भी जींद जिले का है। उचाना कलां क्षेत्र में बेटे की चाहत में एक महिला की 24 साल में 10वीं डिलीवरी हुई है। बेटे के इंतजार में बेटियों के नाम काफी-माफी भी रखे गए।
उचाना के सरकारी अस्पताल में महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवाई गई, मां और नवजात दोनों पूरी तरह से स्वस्थ है।
जानकारी के अनुसार उचाना निवासी सफाई कर्मचारी सुरेंद्र की शादी 24 साल पहले हुई थी। वह इससे पहले 9 बेटियों के पिता बन चुके थे। सबसे बड़ी बेटी 21 साल की है, जबकि सबसे छोटी बेटी की उम्र तीन साल है।
इनमें से दो बेटियों की शादी पिछले साल नवंबर में ही हुई थी। 9 बेटियों के बाद अब बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। बेटे का नाम भी दिलखुश रखा गया है।
दिलखुश की बुआ ने बताया है कि उनके ताऊ के तीन बेटे थे। बड़ा भाई गुजर चुका है, जिसके तीन बेटियां हैं। अब परिवार में 12 बहनों को इकलौता भाई मिल गया है।
पिता सुरेंद्र का कहना है कि लोग कहते थे कि बेटा दे दो, अब भगवान ने सबकी दुआ सुन ली है। उनका कहना है कि उन्होंने बेटियों का पालन-पोषण भी बेटों की तरह किया है।
आपको बता दें कि यह ऐसा दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले जींद में फतेहाबाद की महिला को 10 बेटियों के बाद 11वां बेटा हुआ था।
जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई थी। एक बड़ी बात ये भी है कि डॉक्टरों के मुताबिक तीन से अधिक डिलीवरी महिला के हेल्थ के लिए हाई रिस्क मानी जाती है। बार-बार प्रसव होने से शरीर में खून की कमी होने लगती है और जान का खतरा बने रहने के साथ-साथ हड्डियां भी कमजोर होती है।
ऐसे में कई बार गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और कैंसर की भी आशंका बन सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक दो बच्चे ही बेहतर और सुरक्षित माने जाते है ताकि मां और बच्चे स्वस्थ रह सकें।
खैर, बेटे की चाह में ज्यादा बच्चे पैदा करना कोई नई बात नहीं है। भारत में कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके है। करीब 10 साल पहले गुजरात के दाहोद में एक कपल ने बेटे की चाह में 17 बच्चे पैदा कर दिए थे। उनके 16 बेटियां के बाद बेटा हुआ था।



