Yuva Haryana : नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों से जुड़ी एक राहत भरी खबर है। दरअसल, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने फास्टैग के नियमों में एक अहम बदलाव किया है।
अब एक फरवरी से नए फास्टैग जारी करने के लिए केवाईवी वेरिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में फास्टैग एक्टिव होने के बाद किसी तरह का अलग से वेरिफिकेशन नहीं होगा।
हालांकि, यह नया नियम कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए ही लागू किया जाएगा। बस, ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहनों पर केवाईवी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
एक अहम बात ये भी है कि अब बैंकों की जिम्मेदारी होगी कि वे टैग जारी करने से पहले ही वाहन से जुड़ी सारी जांच पूरी करेंगे। इससे फास्टैग यूजर्स के लिए प्रक्रिया आसान हो जाएगी। वहीं कोई गलती होने पर बैंक की ही जवाबदेही होगी।
एनएचएआई के मुताबिक इस बदलाव का उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और टोल प्लाजा पर यात्रा को और ज्यादा आसान बनाना है।
आपको बता दें कि अभी तक अनेक वाहन मालिकों को फास्टैग एक्टिवेट होने के बाद भी बार-बार डॉक्यूमेंट जमा करने, फोटो अपलोड करने या वेरिफिकेशन के लिए बैंक से कॉल आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई बार सब कुछ सही होने के बावजूद भी फास्टैग सस्पेंड हो जाता था।
अब नए नियम से जहां कागजी झंझट कम होगी तो वहीं टोल पर मुसाफिरों को राहत भी मिलेगी।
नए बदलाव में क्या ?
- अब नए फास्टैग के लिए सारी जांच टैग जारी होने से पहले ही पूरी होगी
- फास्टैग मिलने के बाद दोबारा कोई डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी
- बैंक सीधे सरकारी वाहन डेटाबेस से वाहन की जानकारी वेरीफाई करेंगे
- बार-बार रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाने की आवश्यकता नहीं
- कुछ मामलों में वेरिफिकेशन के लिए आरसी का इस्तेमाल हो सकता है
- फास्टैग का गलत इस्तेमाल या धोखाधड़ी के केस में वेरिफिकेशन हो सकती है



