Yuva Haryana : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आदेश सुनाते हुए परिवार में महिला की भूमिका बड़ा अहम बताया है और सिरसा की एक महिला के साथ हुई सड़क दुर्घटना के मामले में पीड़ित परिवार को लगभग दोगुना मुआवजा देने के आदेश जारी किए है।
दरअसल, 8 अक्टूबर 2014 को एक शिल्पा जैन नामक महिला सड़क हादसे की शिकार हो गई थी। पीड़िता के सिर पर गंभीर चोटें और मस्तिष्क में कई रक्तस्त्राव होने के चलते वह लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रही और 21 नवंबर 2017 को उसने दम तोड़ दिया।
इस मामले में सिरसा मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा पहले दिए गए 58.22 लाख रुपए के मुआवजे को अब हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 1.18 करोड़ रुपए कर दिया है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि परिवार में गृहिणी की भूमिका बहुत अहम होती है और सिरसा की उस महिला के परिवार को मुआवजा लगभग दोगुना कर दिया जो सड़क दुर्घटना के बाद तीन साल तक वेंटिलेटर पर रही।
आपको बता दें कि ट्रिब्यूनल द्वारा शिल्पा जैन के परिवार को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 58.22 लाख का मुआवजा दिया था।
अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि अधिकरण द्वारा दिया गया मुआवजा अत्यंत अपर्याप्त है और इससे पीड़िता को हुई वास्तविक आर्थिक और गैर आर्थिक क्षति की भरपाई नहीं होती।
हाईकोर्ट ने भी माना कि पीड़िता एक गृहिणी थी और अधिकरण ने उसकी काल्पनिक आय बहुत कम आंकी है।
ट्रिब्यूनल द्वारा शिल्पा जैन की गृहिणी के रूप में आय 9000 रुपए प्रति माह आंकी गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
महंगाई, जीवन यापन की बढ़ती लागत और न्यायिक बदलावों को देखते हुए हाईकोर्ट ने दिवंगत की काल्पनिक 15000 रुपए प्रति माह आय निर्धारित की। अब बीमा कंपनी को 58.22 लाख की जगह 1.18 करोड़ रुपए का मुआवजा दो माह में पीड़ित परिवार को देना होगा।



