Yuva Haryana: केंद्र सरकार ने विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सरकार के अनुसार, इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना और देश में फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को प्रोत्साहित करना है।
किस फसल का कितना बढ़ा समर्थन मूल्य?
विपणन सीजन 2027-28 के लिए सभी छह रबी फसलों के नए दाम और उनमें हुई बढ़ोतरी इस प्रकार है:
कुसुम (Safflower): नया MSP ₹7,215 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिसमें सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
सरसों एवं रेपसीड: नया MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसमें ₹413 प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है।
मसूर: नया MSP ₹7,390 प्रति क्विंटल होगा, जिसमें ₹390 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
जौ: नया MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिसमें ₹136 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
चना: नया MSP ₹5,958 प्रति क्विंटल रखा गया है, जिसमें ₹83 प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है।
गेहूं: नया MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिसमें ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
लागत के मुकाबले कितना मिलेगा मार्जिन?
केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई घोषणा के अनुरूप, नए MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना (50% मार्जिन) के स्तर पर निर्धारित किया गया है।
उत्पादन लागत के घटक: लागत गणना में किराए की जमीन, मजदूरी, बीज, उर्वरक, सिंचाई, मशीनरी का इस्तेमाल, डीजल/बिजली, कार्यशील पूंजी पर ब्याज और पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य शामिल है।
सबसे अधिक मुनाफा: गेहूं उत्पादकों को उनकी अनुमानित लागत (₹1,264/क्विंटल) के मुकाबले सबसे अधिक 106% का मार्जिन मिलेगा। इसके अलावा सरसों पर 96%, मसूर पर 92%, चने पर 59%, जौ पर 58% और कुसुम पर 50% का रिटर्न मिलेगा।
सरकारी खरीद और भुगतान के आंकड़े
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में रबी फसलों की खरीद और MSP भुगतान में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है:
खरीद का आंकड़ा: वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच गेहूं की कुल खरीद 3,715 लाख मीट्रिक टन (LMT) रही, जो 2004-05 से 2013-14 की अवधि (2,254 LMT) से काफी अधिक है। छह रबी फसलों की कुल खरीद भी बढ़कर 3,921 LMT तक पहुंच गई है।
MSP भुगतान: 2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं किसानों को ₹7.31 लाख करोड़ का सीधा MSP भुगतान किया गया, जबकि पिछली तुलनात्मक अवधि में यह आंकड़ा महज ₹2.56 लाख करोड़ था। सभी छह रबी फसलों के लिए कुल MSP भुगतान बढ़कर ₹8.36 लाख करोड़ रहा।

