हरियाणा में किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का हमला, राव नरेंद्र सिंह बोले- धान के दाम, DAP की कमी और बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
Yuva Haryana: हरियाणा में धान की खरीद और उठान में देरी, बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान और डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। 27 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस नोट में उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान प्राकृतिक आपदाओं और खेती की बढ़ती लागत के कारण दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने सरकार से खाद की पर्याप्त आपूर्ति, मंडियों में धान का तेजी से उठान और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि डीजल, बिजली और खेती में इस्तेमाल होने वाले अन्य संसाधनों की लागत बढ़ने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जबकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने को लेकर चिंता बनी हुई है।
धान की खरीद और उठान में देरी का मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद, उठान और भंडारण की व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है। उनका कहना है कि खुले में पड़ा धान बारिश के कारण भीग सकता है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और किसानों को नुकसान होने का खतरा रहता है।
हरियाणा की मंडियों में धान के उठान की धीमी गति को लेकर पहले भी खबरें सामने आई हैं। राज्य की मंडियों में धान की आवक और खरीद के बावजूद बड़ी मात्रा में फसल उठान का इंतजार कर रही थी। रिपोर्ट में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों तथा मंडियों में रखे धान को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई थी।
राव नरेंद्र सिंह ने मांग की कि मंडियों में पर्याप्त शेड, तिरपाल और जल निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, खरीदे जा चुके धान का समय पर उठान और किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
DAP खाद की उपलब्धता पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि गेहूं की बिजाई के महत्वपूर्ण समय में डीएपी खाद की उपलब्धता किसानों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने पानीपत सहित विभिन्न क्षेत्रों से खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर शिकायतें आने का दावा किया।
उन्होंने सरकार से जिलावार खाद की मांग, उपलब्ध स्टॉक और वितरण का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उनके अनुसार, किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना और जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर कार्रवाई करना जरूरी है।
डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर राव नरेंद्र सिंह पहले भी सरकार की आलोचना कर चुके हैं। जून 2026 में भी कांग्रेस ने राज्य में उर्वरकों की कमी का मुद्दा उठाया था। हालांकि, मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए जिलेवार सरकारी स्टॉक और वितरण के ताजा आंकड़े देखना जरूरी है।
सिरसा और फतेहाबाद में बारिश से फसल नुकसान की चिंता
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सिरसा और फतेहाबाद सहित प्रदेश के कई इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने रानियां, डबवाली, डिंग, रतिया और टोहाना जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए सरकार से तत्काल फसल नुकसान का आकलन कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी कराई जाए और नुकसान के मुताबिक किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
हाल के दिनों में हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलों तथा मंडियों में रखे धान को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसी स्थिति में फसल की वास्तविक क्षति का आकलन करने के लिए प्रशासनिक सर्वेक्षण और संबंधित विभागों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
महंगे डीजल और बिजली दरों से बढ़ रही खेती की लागत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि खेती में ट्रैक्टर चलाने, जुताई, सिंचाई और फसल की ढुलाई पर लगातार खर्च करना पड़ता है। डीजल और बिजली की लागत बढ़ने से किसानों का बजट प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि खेती की लागत बढ़ने के बावजूद किसानों की आमदनी में उसी अनुपात में सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने धान की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे किसानों को फसल बेचने में परेशानी न हो और भुगतान समय पर मिल सके।
सरकार से की ये प्रमुख मांगें
राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार से किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- किसानों को डीएपी खाद की निर्बाध और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया तेज की जाए।
- बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी कराई जाए।
- फसल नुकसान के आधार पर पात्र किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- मंडियों में शेड, तिरपाल और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
- किसानों को उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिले।
- खेती की बढ़ती लागत से राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
किसानों को राहत देने की मांग
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत से प्रदेश की कृषि व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदाओं के साथ खाद की कमी और मंडियों की अव्यवस्थाएं किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
उन्होंने सरकार से किसानों को केवल आश्वासन देने के बजाय उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

