Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (एमबीबीवाई) में बड़ा बदलाव करते हुए फल, सब्जी और मसाला उत्पादक किसानों के लिए एक नया और संशोधित ढांचा लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
फलों और सब्जियों पर मुआवजे का नया ढांचा
संशोधित योजना के अनुसार, यदि किसी किसान की फसल को नुकसान पहुंचता है, तो उसे श्रेणी के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा:
- फलों की फसल में नुकसान होने पर किसानों को अधिकतम 50,000 रुपये प्रति एकड़ तक का मुआवजा दिया जाएगा।
- मसालों और सब्जियों की फसलों में नुकसान की भरपाई के लिए 40,000 रुपये प्रति एकड़ तक का प्रावधान किया गया है।
नुकसान के आधार पर इस प्रकार तय होगी मुआवजा राशि:
20 प्रतिशत से कम नुकसान: इस स्थिति में सब्जी, मसाले और फल, तीनों श्रेणियों में किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
20 से 40 प्रतिशत नुकसान: सब्जियों और मसालों के लिए 10,000 रुपये तथा फलों के लिए 12,500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा।
40 से 60 प्रतिशत नुकसान: सब्जियों व मसालों पर 20,000 रुपये और फलों पर 25,000 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता मिलेगी।
60 से 80 प्रतिशत नुकसान: इस श्रेणी में सब्जियों और मसालों के लिए 30,000 रुपये जबकि फलों के लिए 37,500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया गया है।
80 प्रतिशत से अधिक नुकसान: शत-प्रतिशत (100 प्रतिशत) नुकसान होने पर सब्जियों और मसालों के उत्पादकों को 40,000 रुपये और फल उत्पादक किसानों को पूरे 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा।
बीमा अंशदान और नियम
योजना के तहत जोखिम अंशदान की दर दो प्रतिशत तय की गई है। इसके तहत किसानों को सब्जियों और मसालों की खेती के लिए 800 रुपये तथा फलों के लिए 1,000 रुपये का अंशदान जमा करना होगा।
कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार द्वारा जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि बाग के क्षेत्र का सत्यापन पौधों की मानक संख्या और उनकी अनुशंसित दूरी के आधार पर किया जाएगा। सरकार के इस कदम से बागवानी करने वाले किसानों को जोखिम से सुरक्षा मिलेगी और उनकी आजीविका मजबूत होगी।

