धान कटाई के सीजन में 10 प्रमुख जिलों में तैनात होंगे 20 ड्रोन, हर जिले में अलग नोडल अधिकारी की निगरानी में चलेगा अभियान
Yuva Haryana: धान कटाई के सीजन में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया है। अब संवेदनशील गांवों और खेतों पर ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने शुरुआती चरण में प्रदेश के 10 प्रमुख धान उत्पादक जिलों में 20 ड्रोन तैनात करने की योजना बनाई है।
इन ड्रोन के जरिए करीब 45 दिनों तक गांवों और खेतों की निगरानी की जाएगी। जिन क्षेत्रों में पराली जलाने की आशंका अधिक है, उन्हें निगरानी के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
हर जिले में नियुक्त होगा नोडल अधिकारी
ड्रोन निगरानी की पूरी व्यवस्था की देखरेख के लिए हर जिले में अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी उपायुक्त सह जिला नोडल अधिकारी की निगरानी में काम करेगा और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) तथा ड्रोन टीम के साथ समन्वय बनाएगा।
ड्रोन टीम ड्रोन नियम-2021 के प्रावधानों का पालन करते हुए निगरानी करेगी। प्रशासन को ड्रोन उड़ाने के लिए गांवों और संभावित मार्गों की योजना पहले से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन जिलों के उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं, उनमें अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और सोनीपत शामिल हैं।
खेत में आग लगने पर मिलेगी सटीक जानकारी
ड्रोन सर्वे के दौरान खेतों में पराली जलाने की घटनाओं की अक्षांश-देशांतर स्थिति, जले हुए क्षेत्र के निशान और तस्वीरें दर्ज की जाएंगी। चिन्हित खेतों की जानकारी संबंधित जिले के उपायुक्त को रोजाना उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
विभाग के अनुसार, ड्रोन की निगरानी को डीआरआईआईएसएचए (DRIISHYA) की व्यवस्था से भी जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य खेतों में आग की घटनाओं की पहचान और मौके पर जांच को अधिक प्रभावी बनाना है।
एक ड्रोन एक दिन में 4 वर्ग किमी क्षेत्र देखेगा
निगरानी के लिए ड्रोन की उड़ान का क्षेत्र भी निर्धारित किया गया है। एक ड्रोन एक दिन में अधिकतम 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा। किसी गांव या क्षेत्र में समस्या की गंभीरता के आधार पर एक दिन में अधिकतम दो उड़ानें कराई जा सकती हैं।
हर ड्रोन प्रतिदिन अधिकतम 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की निगरानी करेगा और उड़ान का समय संबंधित उपायुक्त द्वारा तय किया जाएगा।
10 जिलों में होगी प्राथमिक निगरानी
पहले चरण में अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और सोनीपत में ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। हरियाणा सरकार ने इस सीजन में ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी और मैदानी जांच को साथ लेकर पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने की तैयारी की है।

