हरियाणा की काजल ढोचक ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचीं; आज गोल्ड के लिए मुकाबला
Yuva Haryana: हरियाणा के सोनीपत जिले के लाठ गांव की 18 वर्षीय पहलवान काजल ढोचक ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। महिलाओं के 76 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में काजल ने किर्गिस्तान की अनुभवी पहलवान ऐपेरी मेडेट काइजी को 10-7 से हराकर स्वर्ण पदक की उम्मीदें जगा दीं। खास बात यह रही कि काजल मुकाबले में एक समय 1-7 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने दमदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
अब काजल का सामना खिताबी मुकाबले में यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा से होगा। 28 अक्टूबर को होने वाला यह मुकाबला उनके करियर के लिए बेहद अहम है। काजल के पास सीनियर स्तर की विश्व चैंपियनशिप में पहली ही भागीदारी में स्वर्ण पदक जीतने का बड़ा अवसर है।
1-7 से पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी
सेमीफाइनल में काजल के सामने किर्गिस्तान की अनुभवी पहलवान ऐपेरी मेडेट काइजी थीं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े मुकाबलों में पदक जीत चुकी हैं। मुकाबले की शुरुआत में काजल दबाव में नजर आईं और स्कोर 1-7 हो गया। ऐसे समय में वापसी करना आसान नहीं था, लेकिन भारतीय पहलवान ने हार नहीं मानी।
काजल ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए लगातार अंक हासिल किए और मुकाबले का रुख पलट दिया। उन्होंने दमदार टेकडाउन के जरिए बढ़त बनाई और आखिरकार 10-7 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
यूक्रेन की पहलवान से होगा गोल्ड मेडल का मुकाबला
फाइनल में काजल की भिड़ंत यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा से होगी। यह मुकाबला काजल के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि अल्पयेयेवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन कर चुकी हैं। हालांकि, काजल के पास जूनियर स्तर पर मिले अनुभव और हालिया प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक जीतने का मौका है।
काजल इससे पहले अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में दो बार खिताब जीत चुकी हैं। अब सीनियर विश्व चैंपियनशिप में भी वह अपनी प्रतिभा साबित करने के करीब पहुंच गई हैं। यदि वह फाइनल जीतती हैं, तो यह भारतीय महिला कुश्ती के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
भारतीय महिला कुश्ती के लिए ऐतिहासिक मौका
इस बार विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने नया इतिहास बनाया है। काजल के साथ 50 किलोग्राम भारवर्ग में नीलम सिरोही ने भी फाइनल में जगह बनाई है। नीलम ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराया। अब वह फाइनल में जापान की दिग्गज पहलवान यूई सुसाकी से भिड़ेंगी।
एक ही विश्व चैंपियनशिप में दो भारतीय महिला पहलवानों का स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंचना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले 2021 में अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थीं और उन्होंने रजत पदक जीता था। इस बार काजल और नीलम के पास भारत को महिला कुश्ती में पहला विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण दिलाने का मौका है।
सोनीपत के गांव से विश्व मंच तक पहुंचीं काजल
हरियाणा लंबे समय से कुश्ती की प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। राज्य के कई पहलवानों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया है। अब सोनीपत के लाठ गांव की काजल ढोचक ने भी अपने प्रदर्शन से प्रदेश और देश का ध्यान खींचा है।
18 साल की उम्र में सीनियर विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचना उनकी मेहनत, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है। जूनियर स्तर पर दो विश्व खिताब जीतने के बाद अब उनकी नजर सीनियर विश्व चैंपियन बनने पर है।
काजल की नजरें अब फाइनल पर टिकी हैं। अगर वह स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहती हैं, तो उनकी यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के इतिहास में खास जगह बनाएगी। हरियाणा और पूरे देश के खेल प्रेमियों को इस मुकाबले से बड़ी उम्मीदें हैं।

