महंगाई की मार में पंजाब आगे, हरियाणा के शहरों को राहत; चंडीगढ़ की स्थिति भी बेहतर
Yuva Haryana: महंगाई के मोर्चे पर सितंबर 2026 के आंकड़ों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की अलग-अलग तस्वीर सामने आई है। पंजाब में महंगाई का दबाव हरियाणा और चंडीगढ़ के मुकाबले अधिक रहा, जबकि हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में महंगाई की दर अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई। चंडीगढ़ में भी महंगाई का स्तर हरियाणा के शहरों के आसपास रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कीमतों का असर एक जैसा नहीं है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में संयुक्त महंगाई दर 4.37 प्रतिशत रही। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 5.09 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.64 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, चंडीगढ़ में शहरी महंगाई दर 4.39 प्रतिशत रही। चंडीगढ़ में ग्रामीण बाजार नहीं होने के कारण ग्रामीण महंगाई का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
पंजाब के गांवों में महंगाई का दबाव ज्यादा
सितंबर के आंकड़ों में पंजाब के ग्रामीण इलाकों में महंगाई का दबाव अधिक दिखाई दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों, रोजमर्रा की जरूरतों और अन्य घरेलू खर्चों में बढ़ोतरी का असर आम परिवारों के बजट पर पड़ सकता है। ग्रामीण परिवारों के खर्च में भोजन और जरूरी वस्तुओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए कीमतों में बदलाव का असर उनकी खरीद क्षमता पर पड़ता है।
पंजाब के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच महंगाई का अंतर यह भी दिखाता है कि कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव सभी जगह समान नहीं है। हालांकि, किसी राज्य में महंगाई की दर अधिक होने का अर्थ यह नहीं है कि वहां हर वस्तु दूसरे राज्यों से महंगी ही है। CPI महंगाई दर समय के साथ कीमतों में हुए बदलाव को मापती है।
हरियाणा के शहरों में महंगाई अपेक्षाकृत कम
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में सितंबर के दौरान महंगाई दर 3.64 प्रतिशत रही, जो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की 5.09 प्रतिशत दर से कम है। इससे पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कीमतों का दबाव शहरी इलाकों के मुकाबले ज्यादा रहा।
हरियाणा की संयुक्त महंगाई दर 4.37 प्रतिशत दर्ज की गई। यह आंकड़ा राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर तैयार किया गया है। शहरों में महंगाई की अपेक्षाकृत कम दर से यह संकेत मिलता है कि सितंबर में शहरी उपभोक्ताओं पर कीमतों का दबाव ग्रामीण उपभोक्ताओं की तुलना में कम रहा। हालांकि, अलग-अलग परिवारों पर असर उनकी आय, खर्च और उपभोग की आदतों के अनुसार अलग हो सकता है।
चंडीगढ़ में महंगाई दर 4.39 प्रतिशत
चंडीगढ़ में सितंबर 2026 के दौरान शहरी महंगाई दर 4.39 प्रतिशत दर्ज की गई। यह हरियाणा के शहरी क्षेत्रों की 3.64 प्रतिशत दर से अधिक है, लेकिन दोनों के बीच अंतर सीमित है। चंडीगढ़ के आंकड़ों में ग्रामीण क्षेत्र शामिल नहीं है, इसलिए इसकी तुलना मुख्य रूप से शहरी महंगाई के आधार पर की जा सकती है।
महंगाई दर को समझने के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कीमतों में बदलाव बताती है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी वस्तुओं की कीमतें एक ही अनुपात में बढ़ी हैं।
देश में खाद्य महंगाई ने बढ़ाई चिंता
देशभर में सितंबर 2026 के दौरान खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत रही, जबकि अगस्त में यह 4.83 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई भी अगस्त के 5.97 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 7.74 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 8.06 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 7.18 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे आम परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
महंगाई के ये आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में कीमतों का दबाव राष्ट्रीय स्तर पर भी शहरों से अधिक रहा। आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों और रोजमर्रा की जरूरतों में बदलाव पर नजर रहेगी। कुल मिलाकर, सितंबर के आंकड़ों में हरियाणा के शहरों को अपेक्षाकृत राहत मिली, जबकि पंजाब और ग्रामीण इलाकों में महंगाई का दबाव अधिक चिंता का विषय बना रहा।

