Yuva Haryana: कैथल में आयोजित एक जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब बैठने की व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो पूर्व विधायक आपस में भिड़ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसे शांत कराने के लिए एसडीएम, सीईओ और मुख्य अतिथि विधायक को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
कुरुक्षेत्र में राष्ट्रपति के हरियाणा दिवस पर लाइव कार्यक्रम के दौरान कैथल के आरकेएसडी कॉलेज के सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। हीरक जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में पुंडरी के विधायक सतपाल जांबा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान मंच के सामने पहली पंक्ति में बैठने की व्यवस्था की गई थी। पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा शुरुआत में कार्यक्रम में नहीं पहुंची थीं, जिसके चलते पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर कमलेश ढांडा के नाम वाली सीट पर जाकर बैठ गए। कुछ समय बाद जब पूर्व विधायक फूल सिंह खेड़ी वहां पहुंचे और बैठने लगे, तो उनके बीच सीट को लेकर विवाद शुरू हो गया।
तीन से चार मिनट तक चली तीखी बहस
बैठते ही कुलवंत बाजीगर ने फूल सिंह खेड़ी को थोड़ा हटकर बैठने के लिए कहा, जिस पर दोनों के बीच लगभग 3 से 4 मिनट तक तीखी बहस चलती रही। दोनों नेता एक-दूसरे को उठने के लिए कहते नजर आए। जिस समय यह विवाद चल रहा था, उस दौरान कुरुक्षेत्र से कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी चल रहा था और वहां मौजूद सभी नेता व कार्यकर्ता पूर्व विधायकों की तरफ देखने लगे।
एसडीएम और सीईओ ने की समझाने की कोशिश
मामले को बढ़ता देख कार्यक्रम में मौजूद जिला परिषद के सीईओ गुलजार अहमद और एसडीएम संजय कुमार ने आगे बढ़कर दोनों पूर्व विधायकों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांत करने की कोशिश की। इसके अलावा पूर्व विधायक लीला राम ने भी बीच-बचव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
विधायक सतपाल जांबा को जोड़ने पड़े हाथ
जब दोनों नेता प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर भी नहीं माने, तो मुख्य अतिथि एवं पुंडरी विधायक सतपाल जांबा को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति को संभालते हुए विधायक सतपाल जांबा ने दोनों पूर्व विधायकों के सामने हाथ जोड़कर शांत रहने की अपील की। इसके बाद जाकर दोनों पूर्व विधायक शांत हुए और मामला सुलझा।
चर्चा का विषय बनी टिकट की दावेदारी
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों पूर्व विधायक (कुलवंत बाजीगर और फूल सिंह खेड़ी) गुहला विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार रहे हैं और दोनों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता जगजाहिर है।
चेयरपर्सन को भी पहली पंक्ति में नहीं मिली सीट
कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर एक और विवाद सामने आया। नगर परिषद की चेयरपर्सन सुरभि गर्ग को पहली पंक्ति में सीट न मिलकर दूसरी पंक्ति में बैठना पड़ा। शहर की प्रथम नागरिक ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रोटोकॉल के नियमों के अनुसार ही बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि भाजपा में प्रोटोकॉल का पालन करने की परंपरा है।

