Yuva Haryana: हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के खिलाफ सियासी घेराबंदी तेज कर दी है। पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रदेश की सभी 10 लोकसभा सीटों पर पदयात्राओं की कार्ययोजना तैयार की है। इस अभियान की शुरुआत कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रोहतक से की जा रही है।
प्रमुख नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
रोहतक: एक नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर रोहतक में पदयात्रा से इस अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। रोहतक को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है।
फरिदाबाद: फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिरकत करेंगे।
करनाल: पांच नवंबर को करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पदयात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल (करनाल से सांसद), भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी और सह प्रभारी डॉ। भोला सिंह भी इन पदयात्राओं में शामिल हो सकते हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य और रणनीति
कांग्रेस के गढ़ों में सक्रियता: भाजपा इन बड़े नेताओं की मौजूदगी के जरिए कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक केंद्रों में अपनी सक्रियता बढ़ाना चाहती है। फरीदाबाद में भागीदारी से दक्षिण हरियाणा में संगठनात्मक संदेश देने की कोशिश है।
विपक्षी आरोपों का जवाब: भाजपा का यह अभियान केवल जनसंपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों का राजनीतिक जवाब देना भी है।
दीपावली के बाद अन्य क्षेत्रों में विस्तार: हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस के पास पांच-पांच सीटें हैं। बाकी सात लोकसभा सीटों पर दीपावली के बाद पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, अमित शाह करनाल दौरे के बाद अंबाला छावनी के गांधी मैदान में एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
एसआइआर और सियासी संग्राम
भाजपा का यह अभियान ऐसे समय में हो रहा है जब कांग्रेस देश भर में वोट चोरी और एसआइआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा तथा चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रही है। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग भी कर चुकी है।
हरियाणा भाजपा की अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास मजबूत करना और राजनीतिक स्वार्थ के लिए फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना है, साथ ही मतदाता सूची का सही और अपडेट होना भी जरूरी है। भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने का संदेश देना चाहती है।

