हरियाणा में कांग्रेस के नए अध्यक्ष की ताजपोशी, जानिए कौन हैं राव नरेंद्र सिंह ?

Yuva Haryana : हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की ताजपोशी हो गई है। सोमवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया।
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने हरियाणा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए राव नरेंद्र सिंह को नए प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी। साथ ही कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक जीवन की बात करें तो वे हरियाणा में तीन बार विधायक रह चुके हैं।
राव नरेंद्र सिंह साल 1996 और 2000 में अटेली से कांग्रेसी विधायक रहे हैं। 2000 के चुनाव में वे कड़े मुकाबले में मात्र 334 वोटों के अंतर से ही जीते थे।
राव नरेंद्र सिंह की पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे एवं भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के साथ भी नजदीकियां रही है। साल 2009 में राव नरेंद्र ने कांग्रेस छोड़कर कुलदीप बिश्नोई की नई नवेली पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) से चुनाव लड़ा था और वे नारनौल से विधायक बने। हालांकि, जीत के बाद उन्होंने खेमा बदलते हुए कांग्रेस में घर वापसी की। वे हुड्डा सरकार में साल 2009 से 2014 तक मंत्री पद पर रहे। इस दौरान इनेलो ने राव नरेंद्र के खिलाफ सीएलयू सीडी मामला भी उठाया था।
राव नरेंद्र सिंह इससे पहले हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी रहे है। इनके पिता स्व. राव बंसी सिंह भी तीन बार विधायक रहे थे और कैबिनेट मंत्री रह चुके।
आपको बता दें कि पिछले करीब एक साल से हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष और सीएलपी पदों को नहीं भरा गया था। हरियाणा में विधानसभा चुनावों के बाद से ही यह दोनों पद खाली थे। इस बदलाव को हरियाणा में ओबीसी वोट बैंक बढ़ाने और अहीर बेल्ट में कांग्रेस को मजबूती दिलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि हरियाणा में कांग्रेस ने लंबे समय के बाद दलित-जाट की जगह पर ओबीसी को अपना चेहरा बनाया है। इससे पहले दलित चेहरे जैसे उदयभान, कुमारी शैलजा, अशोक तंवर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।
एक बात यह भी है कि दक्षिण हरियाणा फिलहाल भाजपा का मजबूत गढ़ है। भाजपा के इस मजबूत गढ़ को भेदने के लिए कांग्रेस ने राव नरेंद्र सिंह पर दांव लगाया है। अब यह फैसला कांग्रेस को कितना फायदा पहुंचाएगा ये तो आने वाला ही वक्त बताएगा।
First published on: October 06, 2025 07:55 PM