Yuva Haryana : हरियाणा में चर्चित रहे पूर्व आईएएस अधिकारी अशोक खेमका एक बार फिर से सुर्खियों में आए हैं। मामला उनसे जुड़े कथित भर्ती घोटाले का है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार इस घोटाले के मामले में हरियाणा सरकार ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल न करते हुए चुप्पी साधी है, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
अब पंचकूला की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने केस ट्रांसफर याचिका पर सरकार को जवाब दाखिल करने का अवसर खत्म कर दिया है।
हैरानी की बात है कि कोर्ट द्वारा कई बार हरियाणा सरकार को अवसर दिया गया, लेकिन सरकार की ओर से न तो कोई जवाब दाखिल किया गया और न ही देरी पर कोई कारण कोर्ट को बताया गया।
क्या है पूरा मामला ?
- साल 2022 से यह मामला शुरू हुआ
- दो एफआईआर दर्ज हुई
- पहली एफआईआर में खेमका पर हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में फर्जी भर्ती और घोटाले के आरोप लगे
- खेमका की शिकायत पर तत्तकालीन अंबाला मंडलायुक्त संजीव वर्मा के खिलाफ दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप लगे
- खेमका की रिटायरमेंट के बाद सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी नहीं दी
- इसके बाद पुलिस ने इसे आधार बनाते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया
वहीं शिकायतकर्ता के वकील की ओर से कोर्ट को दलील दी गई है कि यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ा हुआ है और इसकी सुनवाई विशेष अदालत में होनी चाहिए। अब 30 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।




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