Yuva Haryana: हरियाणा में मौसम एक बार फिर बड़ा बदलाव लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 और 30 अक्तूबर को राज्य के अधिकांश इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछेक इलाकों में ओलावृष्टि के भी आसार हैं।
करवा चौथ पर खलल डाल सकती है बारिश
रात के वक्त भी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दीदार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, विद्वानों का कहना है कि यदि रात 8:10 बजे तक भी बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन न हों, तो महिलाएं व्रत खोल सकती हैं क्योंकि इस वर्ष का व्रत भद्रा के दोष से पूरी तरह मुक्त है। बारिश के बाद तापमान में 4 से 7 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड बढ़ जाएगी।
21 जिलों में अलर्ट जारी
समुद्री तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह मौसमी प्रणाली विकसित हुई है। इसे लेकर मौसम विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों में अलर्ट जारी किया है:
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, औरेंज अलर्ट के साथ-साथ फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी।
येलो अलर्ट वाला जिला: पंचकूला में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ 31 अक्तूबर को भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
अक्तूबर में सामान्य से 180% ज्यादा बारिश
हरियाणा में इस बार अक्तूबर के महीने में मानसून का असर अनोखा रहा है। एक अक्तूबर से 28 अक्तूबर तक राज्य में 25.2 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 180 फीसदी अधिक है। पिछले सालों की बात करें तो अक्तूबर 2024 में 30 एमएम, 2023 में 9.9 एमएम और 2022 में 24.9 एमएम बारिश दर्ज हुई थी, जबकि 2021 में यह आंकड़ा मात्र 0.5 एमएम था।
मंडियों में पड़ा 13.56 लाख मीट्रिक टन धान भीगा
असमय हो रही बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रदेश की मंडियों में इस समय 13.56 लाख मीट्रिक टन धान खुले में पड़ा हुआ है। इस सीजन में दो बार बारिश हो जाने के कारण धान भीग चुका है, जिससे उठान का काम प्रभावित हुआ है और नमी की चपेट में आने से धान की चमक व गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
पानीपत बना देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर
मौसम में बदलाव के साथ वायु प्रदूषण ने भी स्थिति गंभीर कर दी है। बुधवार को पानीपत लगातार दूसरे दिन 274 वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। मध्य प्रदेश का पिथमपुर 286 एक्यूआई के साथ देश में पहले स्थान पर रहा।
इसके अलावा गुरुग्राम 265 एक्यूआई के साथ तीसरे और बल्लभगढ़ 264 के साथ चौथे स्थान पर रहा। प्रदेश के छह शहरों का एक्यूआई 200 के पार दर्ज किया गया, जिसमें पानीपत, पंचकूला, बल्लभगढ़ के अलावा भिवाड़ी (253), कैथल (246) और गुरुग्राम (203) शामिल हैं। राहत की खबर यह रही कि करनाल (25) और पंचकूला (50) में हवा साफ श्रेणी में दर्ज की गई।

