Yuva Haryana: हरियाणा में सड़कों की गुणवत्ता और उनकी मरम्मत को लेकर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों की मरम्मत में कोताही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यदि ‘दोष दायित्व अवधि’ (Defect Liability Period – DLP) के दौरान सड़कें खराब पाई जाती हैं और संबंधित ठेकेदार या एजेंसी समय पर उन्हें ठीक नहीं करती, तो सरकार एजेंसी की बैंक गारंटी जब्त करेगी और अपने खर्च पर सड़कों की मरम्मत कराकर उसका पूरा हर्जाना संबंधित एजेंसी से वसूलेगी।
प्रमुख बिंदु
10 दिनों में शिकायतों का समाधान: ‘म्हारी सड़क’ (Mhari Sadak) ऐप पर दर्ज होने वाली शिकायतों का निपटारा 10 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों को फील्ड में रहना होगा active: मंत्री ने SE, XEN और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 3 दिन फील्ड में जाकर सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
1 नवंबर से धरातल पर दिखे काम: वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और 1 नवंबर से सभी कार्य जमीन पर नजर आने चाहिए।
धुंध से पहले सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: आगामी धुंध (FOG) के मौसम को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर सफेद पट्टियां, पेंटिंग, और सांकेतिक बोर्ड (Signboards) लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
19 हजार किलोमीटर सड़कें DLP के दायरे में
हरियाणा में फिलहाल लगभग 19,000 किलोमीटर लंबी सड़कें DLP (Defect Liability Period) के दायरे में आती हैं। समीक्षा बैठक में मंत्री रणबीर गंगवा ने निर्देश दिए कि अधिकारियों को अब सड़कों के खराब होने पर शिकायत मिलने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराना चाहिए।
‘म्हारी सड़क’ ऐप पर शिकायत का समाधान कैसे माना जाएगा?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों का हवाला देते हुए मंत्री गंगवा ने बताया कि ऐप पर आने वाली समस्याओं का निपटारा केवल कागजों में नहीं होगा। समाधान तभी मान्य होगा जब अधिकारी मौके (On-spot) पर जाकर जांच करेंगे और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे।
सोलर पैनल और मॉडल रोड प्रोजेक्ट्स में तेजी के निर्देश
बैठक के दौरान 11 सर्कलों की लगभग 2,813 किलोमीटर सड़कों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही:
- स्कूल, कॉलेज व अस्पतालों के आसपास: अतिरिक्त साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
- सरकारी भवनों की छतों पर: सोलर पैनल लगाने और नए निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
- हरसैक परियोजना (HARSAC) और मॉडल रोड के कार्यों को भी तेजी से पूरा करने को कहा गया है।

