Yuva Haryana: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने आगामी 28 और 29 अक्टूबर को हरियाणा के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है, जिसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बदलाव के बाद राज्य में ठंड और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
इन 14 जिलों में रहेगा बारिश का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से चलने वाली हवाओं और बारिश का असर प्रदेश के मुख्य रूप से इन 14 जिलों में रहेगा:
हिसार
भिवानी
चरखी दादरी
झज्जर
यमुनानगर
करनाल
पानीपत
सोनीपत
फरीदाबाद
गुरुग्राम
नारनौल
रेवाड़ी
पलवल
रोहतक
इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने गिराया पारा
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी और बीते दिनों हुई ओलावृष्टि के बाद चली उत्तरी हवाओं के कारण राज्य के कई हिस्सों में रात का तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
सबसे ठंडा इलाका: हिसार का बालसमंद क्षेत्र प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य जिलों जैसे सोनीपत, करनाल, यमुनानगर, और सिरसा में भी रात के तापमान में सामान्य से उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
एनसीआर में प्रदूषण घटा, निगरानी बढ़ाने की तैयारी
पिछले साल (2025) की तुलना में इस बार 26 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार देखा गया है। हालांकि, हवा की गुणवत्ता में आंशिक सुधार के बावजूद प्रदूषण पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हुआ है। इसे लेकर प्रशासन सख्त हो गया है:
ग्रेप (GRAP) के नियम: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए दिल्ली-एनसीआर में निगरानी और बढ़ा दी गई है।
वाहनों पर सख्ती: दिल्ली-एनसीआर में केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 मानक वाली डीजल बसों के ही संचालन की अनुमति होगी। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के नियमों का उल्लंघन करने वाले और निर्धारित आयु सीमा से पुराने वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

