Yuva Haryana : शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई को और अधिक बेहतर बनाने के लिए नया डिजिटल सिस्टम तैयार किया जा रहा है। दरअसल, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर एक नए सिस्टम पर काम कर रहा है। नए सिस्टम के तहत एल्कोमीटर में फूंक मारते ही शराब की मात्रा का पता लगते ही चालक की फोटो और डिटेल सीधे एलआईसी पोर्टल पर अपलोड हो जाएगी।
एल्कोमीटर में फूंक मारते ही अपलोड होगी फोटो
ट्रैफिक पुलिस की चालान मशीन और एल्कोमीटर/एल्कोसेंसर को एनआईसी पोर्टल से लिंक किया जा रहा है। जांच के दौरान यदि चालक के शरीर में निर्धारित सीमा से अधिक शराब की मात्रा पाई जाती है तो चालक का नाम, पता, फोटो और वाहन से जुड़ी जानकारी सीधे एलआईसी पोर्टल पर अपलोड हो जाएगी।
चंडीगढ़ में हर शनिवार कटते हैं 150 से ज्यादा चालान
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी के अनुसार शहर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ विशेष नाके लगाए जाते हैं। शुक्रवार और रविवार की तुलना में शनिवार रात को सबसे अधिक चालान काटे जाते है, जिनकी संख्या आमतौर पर 150 से अधिक रहती है।
नए सिस्टम से क्या बदलेगा?
- नए डिजिटल सिस्टम के लागू होने पर चालान प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे
- डिजिटल रिकॉर्ड: चालक और वाहन से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी
- फोटो अपलोड: एल्कोमीटर जांच के बाद चालक की फोटो और संबंधित विवरण पोर्टल पर भेजे जा सकेंगे
- चालान रद्द करने पर नियंत्रण: एनआईसी पोर्टल से लिंक होने के बाद मौके पर चालान रद्द करने का अधिकार सीमित हो सकता है
- कोर्ट के माध्यम से भुगतान: शराब पीकर गाड़ी चलाने से जुड़े चालान का भुगतान न्यायालय की प्रक्रिया के तहत करना पड़ सकता है
एनआईसी पोर्टल से लिंक होने के बाद पुलिस अधिकारी या कर्मचारी मौके पर चालान रद्द नहीं कर सकेंगे। हालांकि, चालान से संबंधित अधिकार, प्रक्रिया और अपील के प्रावधान लागू कानून तथा आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होंगे।
सड़क सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी है यह सिस्टम
शराब पीकर वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। डिजिटल चालान प्रणाली का उद्देश्य जांच और कार्रवाई के रिकॉर्ड को बेहतर बनाना तथा ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देना है।

