Yuva Haryana: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी पांच नवंबर को अंबाला और करनाल के दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान वे अंबाला कैंट में नेशनल हाईवे-44 के पास बन रहे भव्य शहीद स्मारक का उद्घाटन कर सकते हैं, साथ ही करनाल में उनकी एक प्रस्तावित पदयात्रा भी है। दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारी इन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की तैयारियों में पूरी मुस्तैदी से जुट गए हैं।
शहीद स्मारक की मुख्य विशेषताएं:
लागत और क्षेत्रफल: यह शहीद स्मारक लगभग 22 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है और इस पर करीब 700 करोड़ रुपये की लागत आई है।
इतिहास और दीर्घाएं: इस स्मारक में 1857 के स्वाधीनता संग्राम के बलिदानियों सहित देश की आजादी में सर्वोच्च योगदान देने वालों की गाथाएं प्रदर्शित की जाएंगी। इसमें कुल 23 दीर्घाएं (गैलरी) बनाई गई हैं, जिनमें अंबाला, मेरठ, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, झांसी और देश के अन्य क्षेत्रों के 1857 के संघर्ष से जुड़े इतिहास को दर्शाया गया है।
आधुनिक तकनीक: शहीद स्मारक में आगंतुकों के लिए 360 डिग्री प्रोजेक्शन के साथ विशेष ध्वनि (साउंड) और लेज़र शो की व्यवस्था की गई है।
मेमोरियल टावर: स्मारक परिसर में 63 मीटर ऊंचा एक भव्य मेमोरियल टावर भी है, जो कमल के फूल की आकृति में डिजाइन किया गया है।
मतदाता सूची और राजनीतिक संदेश:
भाजपा द्वारा 22 अक्टूबर से पांच नवंबर तक चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देने के लिए पार्टी पदयात्राओं, जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच अपना पक्ष रख रही है। अभियान के अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी इस मुद्दे को राज्य स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक महत्व दे सकती है। एक तरफ भाजपा विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर रही है, तो वहीं विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।
करनाल दौरे के राजनीतिक मायने:
पांच नवंबर को करनाल में होने वाली अमित शाह की पदयात्रा को केवल एक सामान्य संगठनात्मक कार्यक्रम के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके पीछे करनाल का बड़ा राजनीतिक महत्व और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ इसका पुराना जुड़ाव भी है। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि पदयात्रा के लिए करनाल को ही क्यों चुना गया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल से जुड़ाव के कारण इस क्षेत्र का महत्व और बढ़ जाता है। अमित शाह का करनाल से पुराना नाता रहा है; इससे पहले उन्होंने 2 नवंबर 2023 को सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में हिस्सा लिया था और पांच प्रमुख योजनाओं की शुरुआत की थी।

