Yuva Haryana: हरियाणा विधानसभा की ओर से सोमवार को पंचकूला में आयोजित ‘जनप्रतिनिधि सम्मेलन’ के दौरान उस समय एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तस्वीर कार्यक्रम के बाहर लगे होर्डिंग पर नहीं दिखाई दी। अपनी अनदेखी से नाराज होकर हुड्डा कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए थे, लेकिन अधिकारियों और विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद वह वापस लौटे।
क्या था पूरा मामला?
जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा इंद्रधनुष ऑडिटोरियम पहुंचे, तो बाहर लगे होर्डिंग पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल प्रो। असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण की तस्वीरें तो थीं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष हुड्डा की तस्वीर गायब थी।
इस बात से खफा होकर हुड्डा ने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा, “यह सरासर बदतमीजी है। मैं विशेष कार्यक्रम के लिए आया था।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी पार्टी विशेष की सरकार का नहीं, बल्कि विधानसभा का कार्यक्रम है, जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों का सम्मान होना चाहिए। इसके बाद वह कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। उनके साथ कांग्रेस विधायक बी बी बतरा और आफताब अहमद भी बाहर आ गए थे।
अधिकारियों के मनाने और फोन के बाद लौटे हुड्डा
घटना के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण के फोन और अधिकारियों के काफी देर तक मनाने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा कार्यक्रम में वापस लौटे। स्थिति को संभालते हुए तुरंत मंच के पीछे लगे पोस्टर पर भी हुड्डा की तस्वीर को जोड़ा गया। हालांकि, कुछ देर बाद कांग्रेस विधायक भी वापस लौट आए।
संबोधन में हुड्डा ने सरकार को घेरा: ‘प्रदेश में 80 गैंग सक्रिय, बेरोजगारी और कर्ज बड़ी चुनौती’
सम्मेलन के दौरान मंच से बोलते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर तीखे हमले किए और प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई।
गैंगवार और कानून व्यवस्था: हुड्डा ने दावा किया कि वर्तमान में हरियाणा के अंदर करीब 80 आपराधिक गैंग सक्रिय हैं, जो राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।
आर्थिक स्थिति और कर्ज: उन्होंने कहा कि पिछले 60 सालों में हरियाणा ने शिक्षा, उद्योग और आर्थिक विकास के क्षेत्र में काफी तरक्की की है, लेकिन आज वित्तीय स्थिति और बेरोजगारी को लेकर आत्ममंथन की गहरी जरूरत है।
रैंकिंग पर सवाल: हुड्डा के अनुसार, वित्तीय स्थिति के मामले में हरियाणा 14वें स्थान पर, कर्ज के मामले में 15वें और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में 11वें स्थान पर पहुंच गया है।
समान अवसर की मांग: अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को बराबर समय और अवसर देना चाहिए, ताकि सदन में हर कोई अपनी बात मजबूती से रख सके।

