Yuva Haryana: हरियाणा में लाल डोरे के दायरे में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 25.50 लाख संपत्ति मालिकों को जल्द ही कब्जा कार्ड (पजेशन कार्ड) मिलने जा रहे हैं। इन कार्डों के वितरण से पहले संपत्तियों से जुड़े सभी विवादों का निपटारा किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग अगले एक से दो सप्ताह के भीतर एक विशेष पोर्टल खोलने जा रहा है, जिस पर लोग अपनी आपत्तियां और दावे दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद अगले चरण में शहरी निकायों की संपत्तियों को लेकर कार्य किया जाएगा।
6260 गांवों में ड्रोन से हुई मैपिंग, 1500 नए पटवारियों को सौंपी जिम्मेदारी
लाल डोरे से संबंधित योजना के तहत स्वामित्व देने के लिए 6260 गांवों में पहले पंचायती राज विभाग द्वारा कार्य कराया गया, जिसमें ड्रोन के जरिए मैपिंग और संपत्तियों को चिन्हित करने का काम किया गया। योजना के तहत मात्र 183 रुपए में संपत्तियों की आईडी बनाई गई। राजस्व रिकॉर्ड न होने के कारण पंचायती राज विभाग को आ रही परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन किया है और अब नायब तहसीलदारों व तहसीलदारों को विवादों के हल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लाल डोरे के कार्यों के लिए राज्य में हाल ही में नियुक्त किए गए 2600 पटवारियों में से 1500 पटवारियों को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी गई है।
पूरी प्रक्रिया और सत्यापन
दावे और आपत्तियां: राजस्व विभाग द्वारा पोर्टल शुरू होने के बाद लोग पजेशन कार्ड के लिए अपने दावे पेश कर सकेंगे।
जांच और सत्यापन: पटवारियों द्वारा जांच किए जाने के बाद कानूनगो और तहसीलदार इसका सत्यापन करेंगे। यदि कोई विवाद नहीं पाया जाता है, तो पजेशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा; वहीं, विवाद होने पर उसका निपटारा कर असल संपत्ति मालिक को कार्ड दिया जाएगा।
अधिकारियों का बयान: हरियाणा भू-अभिलेख निदेशालय के निदेशक डॉ. यशपाल ने बताया कि पोर्टल खुलने के बाद लोग पजेशन कार्ड के लिए आसानी से दावे कर सकेंगे।
पजेशन कार्ड मिलने के बाद मिलने वाले मुख्य लाभ
कन्वेंस डीड और रजिस्ट्री: पजेशन कार्ड मिलने के बाद संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति की कन्वेंस डीड (रस्टी) करा सकेंगे और संबंधित संपत्तियों की जमाबंदी व इंतकाल भी करवा सकेंगे। जमीन की बिक्री के दौरान अन्य संपत्तियों की तरह ही पूरा स्टांप शुल्क देना होगा।
बैंक लोन और योजना का लाभ: पजेशन कार्ड का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि लोग अपनी जमीन या संपत्ति को आसानी से बेच सकेंगे, उस पर बैंक से ऋण (लोन) प्राप्त कर सकेंगे और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

