Yuva Haryana: हरियाणा में शहरी क्षेत्रों के नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहरों में स्वच्छता और घर-घर से कचरा उठाने (डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन) की शिकायतों का समाधान व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समीक्षा बैठक के दौरान शहरी निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
1646 वार्ड समितियों का गठन
राज्य के शहरी क्षेत्रों में नागरिकों की सहायता के लिए 1,646 वार्ड कमेटियां बनाई गई हैं। इन कमेटियों के व्हाट्सएप नंबर पर स्वच्छता और कचरा उठाने से संबंधित शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
कचरा कलेक्शन की मैपिंग:
घर-घर से कचरा उठाने वाले वाहनों और उनके रूटों की मैपिंग का कार्य चल रहा है। प्रत्येक वार्ड का रूट, समय, वाहन और चालक का मोबाइल नंबर व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया जाएगा।
83 निकायों में GPS वाहन
राज्य के 83 शहरी निकायों में जीपीएस प्रणाली से लैस कचरा कलेक्शन वाहन चलाए जा रहे हैं और शेष 4 निकायों में यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
20 सितंबर तक 66 निकायों में मैपिंग पूरी
जून तक केवल 28 निकायों में रूट मैपिंग पूरी हुई थी, जो 20 सितंबर तक बढ़कर 66 निकायों में पूरी हो चुकी है।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
कचरा प्रबंधन पोर्टल से भुगतान में देरी करने वाले अधिकारियों और नियमों का पालन न करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उत्कृष्ट कार्य पर पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड समितियों को जिला स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।
किराये पर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे सरकारी भवन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भवन उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए सरकारी जमीन, स्कूल परिसरों और धर्मशालाओं में उपलब्ध भूमि का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, पात्र बीपीएल महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सेनेटरी पैड देने और जरूरत के हिसाब से डिस्पेंसिंग मशीनें लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
यौन अपराध पीड़ित बच्चों को अब मिलेगी 50 हजार रुपये की सहायता
पॉक्सो (POCSO) और यौन अपराधों के शिकार बच्चों को मिलने वाली तत्काल सामाजिक व वित्तीय सहायता राशि में बड़ा इजाफा किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस सहायता राशि को 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, चिल्ड्रेन होम में सोलर पैनल लगाने, भवनों की मरम्मत और नियमित निरीक्षण करने के आदेश भी दिए गए हैं।

