Yuva Haryana : सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली हैं। जस्टिस सूर्यकांत को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई।
उन्होंने हिंदी में शपथ ली। इसी के साथ वे हिंदी में शपथ लेने वाले तीसरे सीजेआई बने। इससे पहले जस्टिस एनवी रमना व जस्टिस गवई ने हिंदी में शपथ ली थी।

उनके शपथ समारोह में भूटान, केन्या, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका के चीफ जस्टिस भी मौजूद रहे। ऐसा पहली बार हुआ है कि 5 देशों के चीफ जस्टिस किसी समारोह में एक साथ शामिल हुए हो।
सुप्रीम कोर्ट के 53वें चीफ जस्टिस के रूप में अपने पहले दिन जस्टिस सूर्यकांत ने 2 घंटे में 17 मामलों की सुनवाई की। साथ ही उन्होंने कहा कि केस को जल्दी सुनवाई के लिए लिस्ट करने की मांग अब लिखित रूप से करनी होगी।
उन्होंने कहा कि मौखिक अनुरोध सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में ही मान्य होंगे (जैसे मौत की सजा या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामले)
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित उनके इंटरव्यू के अनुसार मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का कहना है कि कोर्ट में लोगों को न्याय दिलाना ही उनकी प्राथमिकता है और ये भरोसा बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आखिरी व्यक्ति तक न्याय की पहुंच होगी तो वे समझेंगे उन्होंने राष्ट्र की सेवा की हैं।
जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणा के हिसार जिले में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। सूर्यकांत हरियाणा से जुड़े देश के पहले चीफ जस्टिस हैं।

हिसार से ही 1984 में उन्होंने वकालत की शुरूआत की और सबसे कम उम्र में हरियाणा के एडवोकेट जनरल पद तक पहुंचे। साल 2004 से जज के तौर पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में कई उल्लेखनीय फैसले लेने वाले न्यायमूर्ति सूर्यकांत साल 2017 में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए। इसके बाद साल 2019 में वे बतौर जज सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
हिसार स्थित उनके पेटवाड़ गांव में सोमवार को जश्न का माहौल रहा। ग्रामीण जस्टिस सूर्यकांत के घर पर एकत्रित हुए और उन्होंने सीजेआई के रूप में शपथ लेते हुए उन्हें देखा। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाकर और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। वहीं रात को गांव में दीप भी जलाकर खुशी मनाई गई।
दरअसल, हाल ही में बीआर गवई चीफ जस्टिस के पद से रिटायर हुए थे। उनकी जगह अब जस्टिस सूर्यकांत ने ली है। वह देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल 24 नवंबर 2025 से लेकर 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा।



