Yuva Haryana: हरियाणा के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में अब मरीजों को हाथ से लिखी लैब रिपोर्ट नहीं मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुरक्षा और सटीक जांच को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और प्रयोगशालाओं को कंप्यूटर से टाइप या प्रिंट की गई रिपोर्ट जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
गलतफहमी और गलत इलाज से बचाव के लिए फैसला
अक्सर देखा गया है कि हाथ की लिखावट अस्पष्ट या पढ़ने में कठिन होने के कारण लैब रिपोर्ट के नतीजों को समझने में गलतियां हो जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच नतीजों की गलत व्याख्या होने से मरीजों की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। इसी जोखिम को समाप्त करने के लिए अब केवल डिजिटल/मशीनी रिपोर्ट पर भरोसा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद फैसला
हाल ही में कुछ जिलों में हाथ से लिखी रिपोर्ट जारी करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (DGHS) की ओर से सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर इन आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपात स्थिति के लिए विशेष प्रावधान
विशेष या आपातकालीन परिस्थितियों में (जैसे तकनीकी खराबी या सिस्टम बंद होने पर) ही हस्तलिखित रिपोर्ट जारी करने की छूट दी जाएगी।
लिखित वचनबद्धता जरूरी: आपात स्थिति में रिपोर्ट जारी करने या हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी/कर्मचारी को लिखित वचन देना होगा कि रिपोर्ट में दर्ज परिणामों की सटीकता की पूरी जिम्मेदारी उसकी होगी।
छूट को नियम नहीं बनाया जाएगा: इस आपातकालीन छूट को किसी भी सूरत में नियमित प्रक्रिया नहीं माना जाएगा।
सभी सिविल सर्जनों, चिकित्सा अधिकारियों, लैब तकनीशियनों और रिपोर्ट तैयार करने वाले कर्मचारियों को इस नए आदेश से अवगत करा दिया गया है।

