Yuva Haryana: हरियाणा में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। साल 2026 में अब तक प्रदेश में प्रमुख यातायात नियमों के उल्लंघन के 21 लाख 69 हजार 669 चालान किए जा चुके हैं। प्रदेश में लागू नए जन ई-चालान सिस्टम के तहत उल्लंघन के तीन दिन के भीतर वाहन मालिक को नोटिस भेजने का प्रावधान है।
चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक को 45 दिन के भीतर चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने का मौका मिलेगा। इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होने पर चालान को स्वत: स्वीकार किया हुआ माना जाएगा। वहीं, शिकायत मिलने पर उसका निपटारा 30 दिन के भीतर करना होगा।
चालान की राशि का 50 प्रतिशत जमा कर चुनौती देने का प्रावधान
नई व्यवस्था के तहत अगर वाहन चालक चालान को चुनौती देना चाहता है, तो उसे चालान की राशि का 50 प्रतिशत जमा कर उसे अदालत में चुनौती देने का विकल्प मिलेगा। स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन के भीतर करना होगा।
लंबित चालान की स्थिति में वाहन के पंजीकरण या चालक के लाइसेंस से जुड़े काम को रोका जा सकता है। वाहन को आगे बेचने के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
बिना हेलमेट के 45 फीसदी चालान
हरियाणा में 2026 के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने के 9 लाख 75 हजार 160 चालान किए गए हैं। यह कुल चालानों का करीब 44.9 फीसदी है। इसके बाद ओवरस्पीडिंग के 3 लाख 67 हजार 118 चालान (16.9 फीसदी) और लेन ड्राइविंग के 3 लाख 3 हजार 435 चालान (14 फीसदी) किए गए।
इसके अलावा रेड लाइट जंप करने के 2 लाख 68 हजार 360 (12.4 फीसदी), बिना नंबर प्लेट के 1 लाख 40 हजार 851 (6.5 फीसदी) और बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के 77 हजार 413 (3.6 फीसदी) मामलों में चालान की कार्रवाई की गई।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा
पुलिस मुख्यालय पंचकूला में डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को जाम वाले स्थानों की पहचान कर पहले से पुलिस बल लगाने, ट्रैफिक डायवर्ट करने और डिजिटल माध्यमों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
वहीं, वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है। प्रदेश में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 27 केंद्र बनाए गए हैं। पुलिस को वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रति लोगों को जागरूक करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

