सीएम नायब सिंह सैनी ने मशीन का किया अवलोकन, कम पानी में अधिक उत्पादन और फसल विविधीकरण अपनाने की किसानों से अपील
Yuva Haryana : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) में आयोजित दो दिवसीय रबी कृषि मेले में किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों और मशीनरी का प्रदर्शन किया गया। मेले में डीजल से चलने वाली कपास चुगाई मशीन भी आकर्षण का केंद्र रही। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मशीन का अवलोकन किया और कृषि में आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया।
एक घंटे में एक एकड़ कपास की चुगाई
मेले में प्रदर्शित कपास चुगाई मशीन करीब एक घंटे में एक एकड़ कपास की चुगाई कर सकती है। हाथ से कपास चुनने की तुलना में मशीन से लगभग आधा समय लग सकता है। इसका उद्देश्य श्रमिकों की कमी के बीच किसानों को वैकल्पिक तकनीकी समाधान उपलब्ध कराना है।
हरियाणा सरकार कपास चुगाई और गन्ने की छिलाई जैसी कृषि गतिविधियों में मशीनों और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ताकि श्रम की कमी के कारण इन फसलों के रकबे पर असर न पड़े।
कम पानी में अधिक उत्पादन पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि मेले के दौरान कम पानी और कम संसाधनों में अधिक उत्पादन वाली खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने फसल विविधीकरण और जल संरक्षण को बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने किसानों से गेहूं और धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन और कम पानी में उगाई जाने वाली फसलों को अपनाने की अपील की। सरकार की ओर से माइक्रो इरिगेशन तकनीकों, जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर, को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
45 प्रगतिशील किसानों का सम्मान
कृषि मेले में प्रदेशभर के 45 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें 30 पुरुष और 15 महिला किसान शामिल थीं। किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, फसल अवशेष प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी फार्मिंग, मधुमक्खी पालन और वर्मी कम्पोस्ट जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
जैविक खेती उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने HAU परिसर में दीनदयाल उपाध्याय जैविक खेती उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया। करीब 9.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस केंद्र का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान और प्रशिक्षण से जोड़ना है।
कपास को लेकर खास फोकस
कपास हरियाणा की प्रमुख नकदी फसलों में शामिल है और हिसार, सिरसा तथा फतेहाबाद सहित कई क्षेत्रों में किसानों की आजीविका से जुड़ी है। कृषि मेले में कपास की खेती से जुड़ी तकनीक, बेहतर बीज और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन पर भी जानकारी दी गई।

