Yuva Haryana: हरियाणा में मौसम ने करवट ली है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने से दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार सुबह कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम में बदलाव का असर प्रदेश के अधिकतर जिलों में देखने को मिला है। करनाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, कई जिलों में रात का तापमान 19 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है।
करनाल में सबसे कम 15 डिग्री तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर दर्ज किया गया। करनाल में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 29.7 डिग्री रहा। अंबाला में न्यूनतम तापमान 18.6 और अधिकतम 31.8 डिग्री दर्ज किया गया।
भिवानी में न्यूनतम तापमान 19.5 और अधिकतम 29.5 डिग्री रहा। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 19.1 और अधिकतम 31.2 डिग्री दर्ज किया गया। हिसार में न्यूनतम तापमान 19.6 और अधिकतम 31.4 डिग्री रहा।
इसी तरह कुरुक्षेत्र में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम 30.8 डिग्री, पानीपत में 18.9 और 31.7 डिग्री तथा रोहतक में न्यूनतम तापमान 20.4 और अधिकतम 30.7 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, बारिश के कारण कुछ शहरों में जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं भी सामने आई हैं।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिला है। अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और रोहतक सहित कई जिलों में मौसम बदला हुआ है।
आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट जारी रह सकती है, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
गुरुग्राम में 40 एमएम बारिश, कई इलाकों में जलभराव
बारिश के कारण गुरुग्राम में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में करीब 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद पुराने शहर की कॉलोनियों से लेकर द्वारका एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों तक जलभराव की स्थिति बन गई।
रविवार रात से मौसम में बदलाव के बाद सोमवार को भी बारिश हुई। गुरुग्राम तहसील क्षेत्र में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। बसई, काकरोला, पालम विहार, उद्योग विहार और सेक्टर-47 समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हुई।
सेक्टर-5, सेक्टर-9 और शीतला माता रोड पर भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों से निकलने में दिक्कत हुई। स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भी देरी का सामना करना पड़ा।
जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने नगर निगम और संबंधित विभागों की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई तथा पानी की निकासी को लेकर चिंता जताई जा रही है।
बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में पानी भरने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। ऐसे में जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, गुरुग्राम जैसे शहरों में जलभराव ने शहरी बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियों को भी उजागर किया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

