Yuva Haryana: हरियाणा में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत नए वोटर रजिस्ट्रेशन और आपत्तियों का चरण समाप्त हो चुका है। हरियाणा की अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (ACEO) के अनुसार, SIR ड्राफ्ट रोल पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। अब प्राप्त सभी आवेदनों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा, जिसके बाद 6 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
3.77 लाख से ज्यादा नए वोटर्स, गुरुग्राम सबसे आगे
SIR प्रक्रिया के तहत नए मतदाता पंजीकरण (फॉर्म-6) के लिए कुल 3,77,987 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सबसे ज्यादा आवेदन: गुरुग्राम (39,985), फरीदाबाद (33,463) और हिसार (22,001)।
सबसे कम आवेदन: चरखी दादरी (7,095), पंचकूला (8,786) और नूंह (9,087)।
नाम हटवाने और जानकारी सुधारने के आंकड़े
फॉर्म-7 (नाम हटाने के लिए): कुल 40,162 आवेदन मिले। नाम हटवाने के सबसे अधिक आवेदन पानीपत (3,600), हिसार (2,790) और सिरसा (2,539) से दर्ज किए गए।
फॉर्म-8 (सुधार और पता बदलने के लिए): कुल 2,14,693 आवेदन प्राप्त हुए। कुरुक्षेत्र जिले से सर्वाधिक 14,347, गुरुग्राम से 13,767 और जींद से 13,513 आवेदन आए।
नोटिस मिलने पर न घबराएं मतदाता: ACEO
मैपिंग के दौरान गलत जानकारी पाए जाने पर कुल 44,91,691 नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 40,56,716 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। फिलहाल 4,34,975 मामलों की सुनवाई बाकी है, जिनमें फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिले में सबसे ज्यादा पेंडेंसी (बकाया मामले) है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अपील:
“नोटिस मिलने पर मतदाताओं को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जिस भी मतदाता को नोटिस मिला है, वह संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास जाकर सही दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखें और विसंगति को दूर करवाएं।”
गलत तरीके से नहीं कटेगा किसी का नाम
आयोग के निर्देशानुसार गुरुवार को अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
पेंडिंग मामलों का निस्तारण समय रहते और चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किया जाए।
सुनवाई के दौरान जो मतदाता अयोग्य पाए जाते हैं या जिनका फॉर्म-6 रद्द होता है, उनकी पुनः जांच (Re-verification) की जाए।
किसी भी योग्य मतदाता का नाम अनावश्यक या गलत कारणों से सूची से न हटाया जाए।

