Yuva Haryana : देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीर बाल दिवस के अवसर पर देशभर से 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया हैं। यह अवॉर्ड अलग-अलग क्षेत्र में बेहतरीन और बहादुरी के कामों के लिए बच्चों को दिए गए।
इनमें हरियाणा की बेटी ज्योति, जो कि कृत्रिम पैर के सहारे दौड़ने वाली एथलिट को भी सम्मानित किया गया। वहीं ऑपरेशन सिंदुर में सैनिकों तक चाय-दूध पहुंचाने वाले पंजाब के श्रवण सिंह को भी बाल पुरस्कार से नवाजा गया।
हरियाणा की ज्योति सिरसा जिले के ऐलनाबाद क्षेत्र की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलीट हैं। एक ड्राइवर के घर में जन्मी ज्योति 85 प्रतिशत दिव्यांग थी और सीमित संसाधनों में पली ज्योति ने अनेक कठिनाई के बावजूद कृत्रिम पैर की सहायता से प्रशिक्षण शुरू किया और धीरे-धीरे पैरा-एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई।
बाल पुरस्कार से सम्मानित होती हुईं ज्योति
जन्म से एक पैर छोटा होने के बावजूद भी ज्योति ने पैरा-एथलीट में 15 मेडल जीतकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पीएम मोदी ने भी ज्योति से आगे भी और मेडल्स जीतने की उम्मीद व्यक्त की है।
वहीं पंजाब के फिरोजपुर जिले के तारा वाली गांव के नन्हे जांबाज श्रवण सिंह को भी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रवण ने सीमा पर तैनात सैनिकों को भीषण गर्मी में दूध, लस्सी और पानी पहुंचाकर उनकी निस्वार्थ सेवा की थी।

पांचवीं के इस छात्र की बहादुरी देख सेना ने उसे सबसे छोटा नागरिक योद्धा माना है। श्रवण का भी सपना अब सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करना है।
इनके अलावा 14 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी इनमें शामिल हैं। इन्होंने आईपीएल में सबसे कम उम्र में सबसे तेज शतक बनाया। वे रणजी क्रिकेट में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी, टी-20 में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं।
वहीं 20 बच्चों में से दो बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया। तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार का पुरस्कार उनके माता-पिता ने लिया।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विजेता बच्चों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया।



