Yuva Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े 590 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले के बाद हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब राज्य सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच से जुड़ी सूचना और दस्तावेज उपलब्ध कराने में किसी भी विभाग की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) बनेगा नोडल अधिकारी
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में नए आदेश जारी किए हैं। नए निर्देशों के अनुसार, हर सरकारी विभाग में एक राजपत्रित अधिकारी को ‘नोडल अधिकारी’ नियुक्त किया जाएगा।
नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वह एसीबी (ACB) के साथ समन्वय बनाए रखे।
लिखित अनुरोध मिलने के बाद मांगी गई जानकारी और दस्तावेज 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जांच फाइलों और जरूरी रिकॉर्ड्स के आदान-प्रदान में होने वाली अनावश्यक देरी को समाप्त करना है।
बैंक घोटाले में सामने आई बड़ी खामियां
चर्चित 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में हरियाणा सरकार के 8 से अधिक विभागों और निगमों की भूमिका सामने आई है। इस मामले में अब तक:
एक पूर्व आईएएस अधिकारी और 5 अन्य आईएएस अधिकारियों को चार्जशीट किया जा चुका है।
पूर्व आईएएस अधिकारी, दो वर्तमान आईएएस अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक अधिकारी और कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
जवाबदेही तय करेगी सरकार
ACB द्वारा सूचनाएं या फाइलें मांगे जाने पर अक्सर संबंधित विभागों से जवाब मिलने में भारी देरी होती थी, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित होती थी। अब नोडल अधिकारी तय होने से एसीबी को अलग-अलग अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और लापरवाही होने पर सीधे नोडल अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

