Yuva Haryana : हरियाणा में कृषि और किसानों के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार गेहूं की बिजाई अधिक हुई है, जो कि गेहूं के उत्पादन बढ़ने के सुनहरे संकेत है।
हरियाणा में नवंबर में 79 प्रतिशत कम हुई है और इसे रबी फसलों की बिजाई के लिए मौसम की मेहरबानी के तौर पर देखा जा रहा है। अब तक रबी फसलों की करीब 67 प्रतिशत बिजाई हो चुकी है। अबकी बार 33.90 लाख हेक्टेयर में फसल की बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गेहूं की 15.78 लाख हेक्टेयर में बिजाई सही समय पर हुई है, जो कि पिछले साल से 95 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। अब तक करीब 62 प्रतिशत गेहूं की बिजाई हो चुकी है। इसी वजह के चलते इस बार गेहूं के अच्छे उत्पादन की संभावना जताई जा रही ह।
वहीं सरसों की बात करें तो इस बार सरसों का रकबा थोड़ा घटा है। पिछले साल के मुकाबले सरसों की 42 हजार हेक्टेयर तक कम बिजाई हुई है। पिछले साल अब तक 7.01 लाख हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हो चुकी थी, जबकि इस बार केवल 6.59 लाख हेक्टेयर में ही सरसों की बिजाई हुई है। ऐसे में सरसों की बिजाई के लिए निर्धारित लक्ष्य 7.50 लाख हेक्टेयर के मुताबिक हरियाणा में 87.87 फीसदी रकबे में सरसों लगाई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में पिछले 25 सालों में केवल चार बार ही नवंबर में बरसात नहीं हुई है। साल 2000 से लेकर 2025 के बीच में चार बार वर्ष 2011, 2016, 2021 और 2024 में ऐसी स्थिति बनी थी।
हालांकि, अबकी बार 2025 में नवंबर माह में हल्की-फुल्की बरसात जरूर हुई है जो कि सामान्य नवंबर में होने वाली बरसात से करीब 80 प्रतिशत कम है और इसका अच्छा असर बिजाई में भी देखने को मिला है।



