केंद्रीय मंत्री अमित शाह के सामने उठा SYL का मुद्दा, हरियाणा ने पंजाब से मांगा अपना हक

Yuva Haryana : सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरियाणा-पंजाब से जुड़ा जल विवाद का बड़ा मुद्दा उठा है।
इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एसवाईएल का मुद्दा उठाते हुए पंजाब से अपना हक मांगा है। नायब सैनी ने जल बंटवारे पर जोर दिया और पंजाब से गुरुओं की परंपरा का पालन करने का आग्रह किया।

नायब सैनी ने बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडा मदों पर चर्चा के दौरान कहा कि सभी राज्यों के पानी के हिस्से को संबंधित राज्य तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा लगातार दिल्ली को उसके हिस्से से अधिक पानी अपने हिस्से से देता रहा है, जबकि एसवाईएल न बनने के कारण हरियाणा को पंजाब से अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। अगर एसवाईएल के रास्ते हरियाणा को अपने हिस्से का पूरा पानी मिलता है तो राजस्थान को भी उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यह वह पावन धरा है, जहां भाई कन्हैया जी जैसे गुरु सेवक हुए, जिन्होंने युद्ध भूमि में घायल पड़े दुश्मनों के सैनिकों को भी पानी पिलाया। उन्होंने परिषद के माध्यम से पंजाब से आग्रह किया कि जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का ध्यान अवश्य रखा जाए।
उन्होंने कहा कि पानी हम सबका सांझा है, तो इसको स्वच्छ बनाए रखना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारी संस्कृति में नदियों को माता कहा गया है। उन्होंने विशेष रूप से यमुना नदी का उल्लेख करते हुए हरियाणा की ओर से विश्वास दिलाया कि यमुना के पानी को स्वच्छ रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार इसमें अपना योगदान करना चाहती है यदि हरियाणा के कुछ कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जाएंगे तो हरियाणा के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों को लाभ होगा।
First published on: November 18, 2025 10:35 AM