प्रदूषण पर प्रहार करने की तैयारी में हरियाणा, 3500 करोड़ रूपए से शुरू होगा ये बड़ा प्रोजेक्ट, पढ़िए

Yuva Haryana : दिवाली के बाद देश की राजधानी दिल्ली और साथ लगते प्रदेशों में खराब वायु प्रदूषण के चलते लोग परेशान है। ऐसे में हरियाणा द्वारा वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।
एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार एआई फॉर रेजीलायंट जॉब्स अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल (अर्जुन) द्वारा हरियाणा में क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट शुरू होगा। पांच साल तक चलने वाले इस प्रोजेक्ट पर 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसे विश्व बैंक की ओर से मंजूरी मिल गई है।
इस बड़े प्रोजेक्ट को परिवहन, कृषि, उद्योग और शहरों पर विशेष रूप से लागू किया जाएगा।
प्रोजेक्ट के बारे में जानें
- एनसीआर जिलों में 200 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगेंगे
- 10 हजार इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदे जाएंगे
- पहले चरण में गुरुग्राम और फरीदाबाद में 200-200 और सोनीपत में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी
- 17 लाख पुराने वाहनों को सड़क पर से हटाया जाएगा
- पुराने वाहनों की टेस्टिंग के लिए ऑटोमेटिड टेस्टिंग स्टेशन बनेंगे
- एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए सैटेलाइट बेस्ड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगेंगे
- 10 सीएएक्यूएम लगाए जाएंगे
- राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी
- रियल टाइम फैसले के लिए डिसीजन सपोर्ट सिस्टम बनेगा
- उद्योगों में लगे ब्वायलरों को पीएजी और बॉयोमास में बदला जाएगा
- एनसीआर के जिलों में मोबिलिटी प्लान बनेगा
- अर्जुन नोडल बॉडी के तौर काम करेगा, जिसमें कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की स्थापना होगी
- संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों और अर्जुन प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा
साथ ही इस प्रोजेक्ट के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा और किन-किन चीजों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा, इस बारे भी जानिए
- ई वाहन खरीदने पर 15 हजार से 30 हजार रुपए तक का प्रोत्साहन
- 33 करोड़ रुपए की लागत से 300 इंडस्ट्रीज पर सीईएमएस डिवाइस लगेंगे और इससे प्रदूषण का डाटा मिलेगा
- एनसीआर में 200 इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निजी एजेंसियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रति स्टेशन 10 लाख रुपए तक के निवेश के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- मॉल, पार्किंग स्थल, रेस्टोरेंट और राजमार्गों पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे
- एनसीआर जिलों में पंजीकृत 20 हजार वाहनों के लिए डेढ़ लाख रुपए तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा
- तीस हजार पुराने ऑटो को स्क्रैप करने और ई-ऑटो से बदलने पर प्रति वाहन 15 हजार रुपए तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा
- एटीएस पुराने वाहनों की पहचान करने के लिए 210 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगी
- फसल अवशेष प्रबंधन, मशीनरी से इन सीटू प्रबंधन किया जाएगा
- कृषि विभाग में केंद्र स्थापित होगा, जो फसल अवशेष पर निगरानी रखते हुए योजना बनाएगा
- पशु धन से निकलने वाले मीथेन, अमोनिया और अन्य ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन का डेटा तैयार किया जाएगा
- भूसे के प्रयोग पर योजना बनेगी
- आगजनी की घटनाओं की जिला स्तर पर निगरानी होगी
First published on: November 17, 2025 03:25 PM