Yuva Haryana : हरियाणा के श्रम कल्याण विभाग में उजागर हुए 1500 करोड़ रुपए के वर्क स्लिप घोटाले पर अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक्शन लेते हुए जांच के आदेश दिए है।
इस बड़े घोटाले को लेकर सीएम नायब सैनी के आदेशानुसार मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। आईएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित इस समिति में आईएएस राजीव रतन और आईपीएस पंकज नैन सदस्य हैं।
अब यह उच्च स्तरीय जांच कमेटी इस घोटाले की जांच करेगी और एक माह में अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा उजागर किए गए वर्क स्लिप घोटाले पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों अधिकतर लाभार्थियों का भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच उच्च स्तरीय कमेटी करेगी और विभागीय अधिकारियों व अन्य लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाया जाएगा।
सीएम ने आगे ये भी कहा कि ये कमेटी श्रम विभाग की योजनाओं में सकारात्मक सुधार की भी सिफारिश भी सरकार से करेगी।
एक बड़ी बात ये भी है कि जब यह घोटाला उजागर किया गया था तब श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा पत्र लिखकर सीएम से जांच करवाने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर सीएम ने कहा कि उन्हें विज की तरफ से पत्र नहीं मिला है, बल्कि विभाग ने इस घोटाले से संबंधित फाइल जरूर भेजी थी।
सीएम नायब सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय को अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है, हालांकि श्रम विभाग ने इस मामले में एक फाइल प्रस्तुत की थी। इसके बाद सीएम कार्यालय से अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी गई थी और श्रम मंत्री को सभी 22 जिलों की सही आंकड़ों के सहित पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
आपको बता दें कि अभी तक प्रदेश के 13 जिलों की जांच में 600 से 700 करोड़ का घोटाला सामने आ चुका है। मंत्री अनिल विज 1500 करोड़ रुपये तक का घोटाला होने की आशंका जता चुके हैं, क्योंकि अभी सात जिलों में जांच करना बाकी है।



