Yuva Haryana : देशभर में चर्चा में रहा हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के हाई प्रोफाइल मामले में नई अपडेट सामने आई है।
दरअसल, इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी कर रही है और इस एसआईटी टीम ने अब तक 25 लोगों के बयान दर्ज कर लिए है। इनमें अधिकांश रोहतक पुलिस के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे है। इनके अलावा पूरन कुमार के करीबी दोस्त, वकील और अन्य उन्हें जानने वालों के भी बयान लिए गए है।
एक प्रमुख समाचार पत्र की जानकारी के अनुसार पूरन कुमार ने अपने आठ पेज के सुसाइड नोट में जिनके नाम लिखे थे, वे अभी भी जांच के दायरे में शामिल नहीं किए गए है। एसआईटी ने अब तक इन अधिकारियों को न तो पूछताछ के लिए बुलाया है और न ही कोई नोटिस जारी किया है।
हालांकि, एसाईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी अनुसार रोहतक में वाई पूरन के गनमैन सुशील के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच की जा रही है। पूरन कुमार के सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम है, उन्हें भी जल्द ही नोटिस जारी करके पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
आपको बता दें कि पूरन कुमार के ‘अंतिम नोट’ में 15 अधिकारियों का जिक्र किया गया था और इनमें से 11 अधिकारियों पर तो गंभीर रूप उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए गए थे।
जानकारी के अनुसार के अनुसार एसआईटी की जांच में अब तक पूरन कुमार की तैनाती से जुड़े स्टाफ, केस से संबंधित अधिकारियों और अन्य जुड़े कर्मचारियों के ही बयान दर्ज हुए है। इनके अलाव एसआईटी रोहतक जेल में भी गई। जहां वाई पूरन के गनमैन सुशील से पूछताछ की गई। सुशील 26 दिनों तक रोहतक जेल में बंद रहा और बाद में उसे अंबाला जेल शिफ्ट कर दिया है।



