Yuva Haryana : हरियाणा और राजस्थान सरकार एक ऐसी बड़ी परियोजना पर काम रही है, जिससे राजस्थान के लोगों को पानी और हरियाणा के लोगों को सड़क मिलेगी।
दरअसल, हम बात कर रहे है हथिनीकुंड बैराज से मानसून सीजन में पाइप लाइन द्वारा राजस्थान को पानी देने की योजना की।
इस योजना के जरिए राजस्थान के कई जिलों को पेयजल की आपूर्ति होगी तो वहीं हरियाणा के यमुनानगर, करनाल, कैथल, जींद और हिसार क्षेत्र लोगों को करीब 295 किलोमीटर लंबे मार्ग से नई कनेक्टिविटी मिलेगी।
राजस्थान के लिए बिछने वाली पेयजल लाइन के साथ ही 10 मीटर चौड़े हाइवे का निर्माण किया जाएगा।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार इस पर दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में हुई दोनों राज्यों के सीएम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की एक बैठक में यह अहम फैसला हुआ।
जानकारी के अनुसार पहले एप्रोच रोड का प्रावधान किया गया था ताकि लाइन की देखरेख में किसी भी मौसम में कोई परेशानी न हो, लेकिन हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने बैठक में प्रस्ताव रखा कि इसे एप्रोच रोड की जगह स्टेट हाइवे बनाया जाए।
खबर में प्रकाशित जानकारी के अनुसार इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। योजना के अनुसार हरियाणा को करीब 24 हजार क्यूसेक पानी की जरूरत होती है। ऐसे में बरसाती सीजन में पानी की उपलब्धता बढ़ने के दौरान हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान में पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
रिकॉर्ड अनुसार बरसात के चार महीनों में यमुना में 24 हजार क्यूसेक से अधिक पानी उपलब्ध रहता है। राजस्थान का हथिनीकुंड और दिल्ली के ओखला बैराज के पानी में शेयर है। ऐसे में इस परियोजना के सिरे चढ़ने से राजस्थान को अपने हिस्से का पानी हथिनीकुंड से मिल सकेगा।



