हरियाणा को मिलेगा एक और बड़ा मिल्क प्लांट, इस जिले में लगेगा प्रदेश का सातवां दूध प्लांट
भिवानी और सिरसा के लिए भी अच्छी खबर, दूध भंडारण के लिए नए चिलिंग सेंटर बनेंगे

Yuva Haryana : दूध-दही खाने वाले हरियाणा में दूध-दही की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस दिशा में हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड कई बड़ी योजनाओं पर काम कर रहा है।
हरियाणा में फिलहाल छह मिल्क प्लांट है। ऐसे में अब सातवें सबसे बड़े मिल्क प्लांट की भी स्थापना होने जा रही है।
स्काडा विधि से संचालित होने वाला वीटा का यह मिल्क प्लांट रेवाड़ी जिले के बावल क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट से दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में दूध और दूध से निर्मित उत्पादों की आपूर्ति होगी।
इस प्लांट की स्थापना होने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और हजारों किसानों को इसका लाभ होगा। वहीं इसके लिए बावल में 16 एकड़ जमीन भी चिह्नित हो चुकी है और सरकार से बजट मिलते ही योजना पर काम शुरू होगा।
एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड ने सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक प्रस्ताव भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार यह प्रदेश में स्थापित होने वाला सबसे बड़ा मिल्क प्लांट अत्याधुनिक होगा। योजना पर करीब 300 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के मुताबिक अभी तक दिल्ली और एनसीआर में बल्लभगढ़ के प्लांट से दूध और दूध से निर्मित उत्पादों की आपूर्ति होती है।
ऐसे में बावल में नए प्लांट की स्थापना से सीधे तौर पर एनसीआर और दिल्ली को फायदा मिलेगा। वहीं यहां 1200 से 1600 युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और स्थानीय किसानों को भी लाभ होगा।
हरियाणा में अब कितने दूध प्लांट ?
- सबसे पहले जींद में 1970-1971 में मिल्क प्लांट स्थापित हुआ था और यहां
- प्रतिदिन दूध की क्षमता 1.50 लाख लीटर है
- अंबाला में 1973-1974 में दूसरा प्लांट लगा और यहां की क्षमता 1.40 लाख लीटर प्रतिदिन है
- रोहतक में 1976-1977 से चार लाख लीटर क्षमता वाला प्लांट चल रहा है
- बल्लभगढ़ में 1.25 लाख प्रतिदिन दूध की क्षमता के प्लांट का 1979-1980 से संचालन हो रहा है
- सिरसा में 1996-1997 से 1.10 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला प्लांट चल रहा है
- कुरुक्षेत्र में 20 हजार लीटर क्षमता का छठा प्लांट 2014-2015 में स्थापित हुआ
भिवानी और सिरसा के लिए भी अच्छी खबर
वहीं हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड द्वारा भिवानी के सलेमपुर और सिरसा के डबवाली में दो नए चिलिंग सेंटर स्थापित करने की भी योजना है। डबवाली और सलेमपुर में 20-20 हजार लीटर की क्षमता के चिलिंग सेंटर स्थापित होंगे। दोनों ही सेंटरों की स्थापना पर करीब 6.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इन चिलिंग सेंटर से दूध का अधिक दिनों तक भंडारण किया जा सकेगा। इसी तरह से नूंह में चिलिंग सेंटर का दोबारा निर्माण करने की योजना भी प्रस्तावित है।
First published on: November 17, 2025 01:06 PM