Yuva Haryana : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का इंतजार जहां बिहार में खत्म हो गया है तो वहीं हरियाणा के हजारों किसानों ने सम्मान निधि वापस लौट दी है और न ही अब इनको सम्मान निधि इंतजार रहेगा।
14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे वाले दिन पीएम किसान सम्मान निधि के एक्स अकाउंट ने बिहार के किसानों के खाते में 19 नवंबर को दो-दो हजार रुपए की राशि ट्रांसफर करने की घोषणा की है।
वहीं एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार हरियाणा में पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों ने सरकार को सात करोड़ रुपए की राशि वापस लौटा दी है। यह राशि किसानों के खातों में आई थी, लेकिन ये किसान निधि के योग्य नहीं थे। सरकार ने जब इनसे राशि लौटाने के लिए कहा तो किसानों ने राशि वापस कर दी।
दरअसल, सरकार की ओर से की गई जांच में 96,685 किसानों को योजना के योग्य नहीं माना गया था और इस कारण इनके नाम योजना से हटाए गए। इनमें 41208 किसानों की मृत्यु हो चुकी है।
32773 किसानों को योग्यता नहीं मिलने के कारण अयोग्य करार दिया गया गया। 19132 किसान इनकम टैक्स देने वाले मिले। 3571 किसान पेंशनर्स मिले। ऐसे में इन सभी के नाम पीएम किसान सम्मान निधि से हटा दिए गए है।
साथ ही कृषि विभाग ने किसानों से आह्वान किया है कि जिन किसानों ने अयोग्य होते हुए योजना का लाभ लिया है, वे सरकार से ली गई राशि लौटा दें।
आपको बता दें कि पीएम किसान पोर्टल पर 2017793 किसान पंजीकृत है। इनमें से 213306 किसानों के ई-केवाईसी व लैंड सीड़िंग पेंडिंग है। 1804487 किसानों की ई-केवाईसी हो चुकी है। 61597 किसानों के आधार सीडिंग पेंडिंग है। ऐसे में अब तक कुल मिलाकर 1646205 किसान योग्य पाए गए है और केंद्र सरकार की ओर से इन किसानों के खातों में जल्द राशि जारी की जाएगी।
दिसंबर 2018 में शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक हरियाणा के किसानों को 6917.37 करोड़ रुपए की राशि मिल चुकी है। पहली किश्त के रूप में हरियाणा के 12.48 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला था, तब किसानों को 249.79 करोड़ रुपए मिले थे।
वहीं जुलाई 2025 में 16.77 लाख किसानों को 353.69 करोड़ रुपए का लाभ मिला था।
आपको यह भी बता दें कि जो किसान अभी भी इस योजना से वंचित है तो वे पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन कर सकते है। आवेदन करने वाले किसानों की जांच राज्य और केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी और फिर योग्य मिलने किसान का नाम योजना के साथ जोड़ा जाएगा और उसे लाभ मिलेगा। वहीं अयोग्य मिलने पर योजना में ली गई राशि वापस लौटानी पड़गी।



