प्रशिक्षण में फैमिली ट्रिप के मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई का फैसला अब भी लंबित
Yuva Haryana : हरियाणा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में जुलाई 2022 के लघु-लद्दाख प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े मामले में कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट की फाइल अब भी घूम रही है। विभागीय जांच दिसंबर 2025 में पूरी हो गई थी, इसके बाद कार्रवाई की फाइल 5 जनवरी से 24 सितंबर 2026 तक 13 चरणों से गुजरी।
273 दिन में 13 बार बदला फाइल का टेबल
कार्रवाई की फाइल इस दौरान अलग-अलग अधिकारियों के पास रही। सबसे अधिक 121 दिन तक फाइल तत्कालीन निदेशक डॉ. सतेंद्र दुहन के पास रही।
फाइल 5 जनवरी को तत्कालीन महानिदेशक डॉ. विवेक अग्रवाल के पास पहुंची और 2 फरवरी तक रही। इसके बाद अतिरिक्त निदेशक राज कुमार, फिर दोबारा डॉ. अग्रवाल और राज कुमार के पास फाइल गई। 27 फरवरी से 17 अप्रैल तक यह 49 दिन उप अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार के पास रही।
इसके बाद 17 अप्रैल से 6 अगस्त तक 121 दिन तत्कालीन निदेशक डॉ. सतेंद्र दुहन के पास फाइल रही। 6 अगस्त के बाद फाइल राज कुमार, ओएसडी टू सीएम राज नेहरू और अतिरिक्त निदेशक कमल प्रीत कौर के पास पहुंची। 11 सितंबर को फाइल वर्तमान निदेशक पार्थ गुप्ता के पास पहुंची। कुछ दिन अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा के पास रहने के बाद फाइल 22 सितंबर को फिर पार्थ गुप्ता के पास गई।
पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई का इंतजार
मामले में ग्रुप-सी के पांच कर्मचारी कर्मवीर सिंह, संजीव कुमार, श्रीपाल, राकेश कुमार और विपिन कुमार को आरोपपत्र जारी किए जा चुके हैं। वहीं ग्रुप-ए और बी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अभी लंबित बताई गई है।
10 लाख रुपये से ज्यादा खर्च का आरोप
प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 20 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रशिक्षण के बजाय परिवार के साथ यात्रा करने, सरकारी होटल-भोजन लेने और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण नहीं होने पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च करने को आरोप है।
विभाग की जिम्मेदारी कुछ दिन पहले ही संभाली
युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता के हवाले से कहा गया है कि विभाग की जिम्मेदारी कुछ दिन पहले ही संभाली गई है। मामले की जानकारी लेकर, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

