Yuva Haryana : हरियाणा के कर्मचारी संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने 12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय रैली में हरियाणा से करीब एक लाख कर्मचारियों की भागीदारी का आह्वान किया है। यह फैसला रोहतक की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।
नियमित करने की मांग
संघ ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन बहाल करने और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है। संगठन ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
आंदोलन की चेतावनी
बैठक में नगरपालिका, फायर और बिजली विभाग के साथ हुए लिखित समझौतों को लागू करने की मांग उठाई गई। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसी भी समझौते में अगर वादाखिलाफी की तो तत्काल आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कर्मचारी संघ ने वर्ष 2012 से नियुक्त सभी कच्चे कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवा के आधार पर नियमित करने की मांग की है। इसके साथ ही अतिथि अध्यापकों को नियमित करने और टीजीटी की अनिवार्यता से राहत देने के लिए निर्णायक आंदोलन चलाने का आह्वान किया गया।
शिक्षक संघ के प्रदर्शन का समर्थन
राज्य कार्यकारिणी ने 23 सितंबर को अध्यापक संघ के प्रदर्शन का पूर्ण समर्थन करने का निर्णय लिया है। संघ ने सरकार से पशुपालन विभाग सहित अन्य आंदोलनरत संगठनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
बैठक में 24 सितंबर को फरीदाबाद में पर्यटन विभाग और 27 सितंबर को रादौर में पशुपालन विभाग के प्रदर्शनों का समर्थन करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा 29 और 30 सितंबर को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जिला स्तरीय पड़ावों में भी सहयोग की योजना बनाई गई है।

