हरियाणा में धान की सरकारी खरीद बंद, इस बार बंपर खरीद और कई विवाद हुए, पढ़िए

Yuva Haryana : हरियाणा में धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शनिवार का दिन धान की सरकारी खरीद का आखिरी दिन रहा। आखिरी दिन मंडियों में धान की खरीद बहुत कम देखने को मिली। हालांकि, इस बार के पूरे सीजन में धान की बंपर खरीद देखने को मिली है।
इस बार धान खरीद के दौरान कई विवाद भी सामने आए। पहले धान की खरीद शुरू न होने के चलते किसान सड़कों पर उतरे और उसके बाद खरीद के दौरान तुलाई पर सवाल उठे। आखिरी दिनों में तो धान खरीद में बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया। यहां तक कि अनेक अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरी, वहीं किसानों को बॉर्डर पर पहरा देकर पड़ोसी राज्यों से धान बेचने आ रहे वाहनों को रोकना पड़ा।
हरियाणा में 25 सितंबर से 15 नवंबर तक चली धान खरीद में हरियाणा ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार 54 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन राज्य की मंडियों में 62.03 लाख मीट्रिक टन की आवक और खरीद हुई। जो कि लक्ष्य से करीब आठ लाख मीट्रिक टन ज्यादा है।
इस बार प्रदेश के 309093 किसानों से धान खरीद कर अब तक 1473692 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके है।
प्रदेश की मंडियों में इस साल धान की रिकॉर्डतोड आवक देखने को मिली है। पिछले तीन वर्षों में जहां 2021, 2022 और 2023 में करीब 59 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। जबकि 2024 में यह घटकर 54 लाख मीट्रिक टन रहा।
कई प्रमुख अखबारों में प्रकाशित खबरों के अनुसार अब इस बंपर खरीद पर सवाल उठने भी शुरू हो गए है, क्योंकि इस बार हरियाणा में बारिश और बाढ़ के चलते 14.74 लाख एकड़ धान प्रभावित हुआ था।
ऐसे में अब किसान संगठनों ने बाहरी राज्यों से आए धान की फर्जी तरीके से खरीद करके गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि अधिकारियों, राइस मिलरों और आढ़तियों ने मिलकर फर्जी पंजीकरण कराए और बाहरी राज्यों से धान खरीदा। उनका यह भी आरोप है कि धान फसल खराबे की गिरदावरी अधूरी छोड़ी गई ताकि नुकसान का वास्तविक ब्योरा सामने न आए।
एक प्रमुख अखबार के मुताबिक मंडियों में फर्जी गेट पास कटने की शिकायतों और खेत में धान खराबे के बावजूद 61.91 लाख टन धान खरीद के लिए जे फार्म काटे गए। इस बार फर्जी गेट पास और फर्जी धान खरीद होने की बड़े स्तर पर शिकायतें मिली और एफआईआर भी दर्ज हुई।
अब विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है। सीएम ने बड़ा संज्ञान लेते हुए चावल मिलों में फिजिकल वेरिफिकेशन करने के निर्देश जारी किए है। सरकार का यह भी कहना है कि गेट पास की खामियों को दूर किया जाएगा और जो भी अफसर, कर्मचारी मिलीभगत में शामिल है, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
First published on: November 16, 2025 02:17 PM