पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- चुनाव आयोग के फैसलों और आंकड़ों की जानकारी जनता के सामने सार्वजनिक हो
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण, ईवीएम और आदर्श आचार संहिता से जुड़े मुद्दों पर आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि इन मुद्दों को लेकर लोगों का चुनाव आयोग पर भरोसा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी राजनीतिक दलों के लिए समान नियम जरूरी हैं।
एसआईआर प्रक्रिया पर दुष्यंत चौटाला ने उठाए सवाल
दुष्यंत चौटाला ने एसआईआर को लेकर कहा कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच कई सवाल हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए थे और अब हरियाणा व दिल्ली में भी मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक बिहार एसआईआर के दौरान 1 अगस्त 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी और जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं थे, उनके लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई थी।
हरियाणा में एसआईआर के तहत दावे-आपत्तियों का अभियान
हरियाणा में भी एसआईआर-2026 की प्रक्रिया चल रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार 26 और 27 सितंबर को विशेष अभियान आयोजित किया जाना है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर मौजूद रहकर पात्र मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त करेंगे।
ईबीएम और आचार संहिता को लेकर भी सवाल
दुष्यंत चौटाला ने ईवीएम में गड़बड़ी से जुड़े सवालों और चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित असमान अनुपालन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग से इन मुद्दों पर जनता के सामने स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आयोग को अपने फैसलों, कार्रवाइयों और आंकड़ों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता स्वयं पूरी प्रक्रिया को देख और समझ सके। उनके मुताबिक चुनाव जीत या हार से ज्यादा महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता रखते हुए जनता के सवालों के जवाब देने चाहिए।
दुष्यंत चौटाला ने क्या-क्या मांगें उठाईं?
• एसआईआर प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग
• मतदाता सूचियों में बदलाव से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
• ईबीएम से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग
• आदर्श आचार संहिता के समान रूप से पालन की मांग
• चुनाव आयोग के फैसलों और कार्रवाई से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
• चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग

