Yuva Haryana: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दल आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद मतदान और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब व्यापक विरोध प्रदर्शन का रूप ले चुका है। शुक्रवार को कांग्रेस चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय का घेराव करने जा रही है। विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही कांग्रेस के 15 से अधिक पराजित प्रत्याशी न केवल चुनाव आयोग पहुंचे थे, बल्कि उन्होंने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है, जहाँ इन याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
15 प्रत्याशियों ने कोर्ट का रुख किया
रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान से जुड़े सवालों को लेकर अब तक 15 प्रत्याशी अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और चुनावी डेटा के प्रबंधन समेत कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। पार्टी इन मामलों की जांच की मांग कर रही है।
इनेलो ने भी की कार्रवाई की मांग
इनेलो अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने भी मतदान से जुड़े विवाद के बीच इनेलो के एक नेता को जेल भेजने की मांग की है। उन्होंने आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
पार्टी की तीन प्रमुख मांगें
CEC की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। निष्पक्ष और कानूनी जांच: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे गंभीर आरोपों की कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच की जाए। फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा: ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान चुनाव से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।
सीपीआई(एम) ने भी प्रदर्शन का ऐलान किया
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को लेकर प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, यह प्रदर्शन 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक किया जाएगा।
6.41 लाख लोगों की सुनवाई अभी बाकी
रिपोर्ट में हरियाणा में मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों का भी जिक्र है। इसके मुताबिक, करीब 6.41 लाख लोगों की सुनवाई अभी बाकी है। फरीदाबाद और करनाल में सबसे अधिक लंबित मामलों का उल्लेख किया गया है।
सामने आई जानकारी के अनुसार, 2.41 लाख लोगों ने नए वोट के लिए आवेदन किया है, जबकि करीब 1.75 लाख लोगों ने पता बदलने या नाम में सुधार के लिए आवेदन किया है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग की ओर से संबंधित आवेदनों की जांच की जा रही है।

