Yuva Haryana: हरियाणा IDFC बैंक घोटाले में पंचकूला CBI कोर्ट में नई चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें 6 IAS अधिकारियों पर रिश्वत, महंगे होटल, लग्जरी पार्टियों और सोने के सिक्कों के बदले सरकारी फंड निजी बैंकों में ट्रांसफर करने के गंभीर आरोप लगे हैं। CBI ने अपने दावों को साबित करने के लिए व्हाट्सऐप चैट, CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और फर्जी रेट चार्ट जैसे डिजिटल व दस्तावेजी सबूत पेश किए हैं।
2 करोड़ रुपये की डिलीवरी का दावा
चार्जशीट के मुताबिक, तत्कालीन नगर निगम पंचकूला के कमिश्नर राम कुमार सिंह पर आरोप है कि सरकारी चेक निजी व्यक्ति को सौंपने के बदले उनके आवास पर किस्तों में 50 लाख रुपये नकद लिए गए। जांच के अनुसार, इसके बाद दिल्ली में हवाला चैनल के जरिए उनके बेटे को विदेश में करीब 2 करोड़ रुपये की डिलीवरी कराई गई।
सोने के सिक्के और नकदी लेने का आरोप
तत्कालीन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विनीत गर्ग पर 25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सरकारी फंड बैंक को देने के बदले 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के लेने का आरोप है। चार्जशीट में कहा गया है कि ये सिक्के सावन ज्वेलर्स से खरीदे गए थे।
महंगे होटल और पार्टियों का भी जिक्र
तत्कालीन प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल के बारे में चार्जशीट में जीरकपुर के एक होटल में चार डिनर पार्टियों का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के होटल में ठहरने और एक पार्टी के बिल का भुगतान भी किया गया था।
वहीं, तत्कालीन MD, एचपीजीसीएल मोहम्मद शाइन पर पसंदीदा बैंक में फंड ट्रांसफर करने के बदले महंगे रेस्तरां में पार्टियां दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

75 करोड़ रुपये के ट्रांसफर का दावा
तत्कालीन सचिव, पंचायत विभाग डॉ. साकेत कुमार पर आरोप है कि उन्होंने बिना तुलनात्मक दर या वित्त विभाग की मंजूरी के फाइल पर केवल “Seen” लिखकर 75 करोड़ रुपये सरकारी फंड से निजी बैंक में ट्रांसफर कराए।
इसके अलावा, तत्कालीन सदस्य सचिव, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड प्रदीप कुमार पर भी IDFC बैंक को फायदा पहुंचाने के लिए कथित तौर पर रेट चार्ट में बदलाव करने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार, तुलनात्मक चार्ट में एक बैंक की 8.45% ब्याज दर को घटाकर 8.25% दिखाया गया।
CBI को मिले कई अहम सबूत
जांच में कथित हवाला लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिलने की बात कही गई है। इनमें कैश रिसीव की रसीदें, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, व्हाट्सऐप चैट, बैंक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और होटल के बिल शामिल हैं।
CBI के अनुसार, जांच में सामने आए दस्तावेजों और बयानों के आधार पर सरकारी फंड के इस्तेमाल और निजी बैंकों में खातों को खोलने से जुड़े मामलों की पड़ताल की गई है।

