Yuva Haryana : पंजाब और हरियाणा में इस साल मानसून उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। दोनों राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। पंजाब में इस मानसून सीजन में 39% और हरियाणा में 23% कम बारिश हुई है।
ऐसे में बारिश की कमी का असर खेती, जल संसाधनों और आने वाले मौसम की परिस्थितियों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा और पंजाब में यह स्थिति पिछले कई वर्षों की तुलना में भी असामान्य रही है।
हरियाणा में 7 साल में सबसे कम बारिश
हरियाणा में मानसून सामान्य से कम रहा। राज्य में इस मानसून सीजन में करीब 23% कम बारिश दर्ज की गई। यह करीब 7 वर्षों में सबसे कम मानसूनी बारिश रही। हरियाणा में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 488.8 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि इस बार करीब 418.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राज्य के 23 जिलों में से करीब 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।
पंजाब में 12 साल में सबसे कम बारिश
वहीं पंजाब में इस मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 39% कम बारिश दर्ज की गई। इसे पिछले करीब 12 वर्षों में सबसे कम मानसूनी बारिश बताया जा रहा है। राज्य में मानसून के दौरान औसत करीब 410 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार करीब 267.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा कमी वाले जिलों में कपूरथला, मानसा, जालंधर, सिरसा और फाजिल्का शामिल रहे।
पठानकोट में सबसे ज्यादा बारिश
कम बारिश के बावजूद पंजाब के सभी जिलों में स्थिति एक जैसी नहीं रही। पठानकोट में करीब 1267.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 39% अधिक बताई गई है। इसके विपरीत कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही। इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण असमान रहा।
47% जिलों में 20% से ज्यादा कमी
अगर देशभर की स्थिति देखें तो मानसून की कमी सिर्फ पंजाब और हरियाणा तक सीमित नहीं रही। आंकड़ों के मुताबिक देश के करीब 47% जिलों में बारिश की कमी 20% से ज्यादा रही। इनमें आंध्र प्रदेश में 40%, पंजाब में 39%, बिहार में 37%, कर्नाटक में 31%, और केरल में 28% तक की कमी दर्ज की गई। वहीं हरियाणा में 23%, राजस्थान में 21%, महाराष्ट्र में 17%, उत्तर प्रदेश में 5% और छत्तीसगढ़ में 5% की कमी बताई गई।
17 साल में सबसे सूखा बीता मानसून
देश के स्तर पर भी इस साल के मानसून चिंता बढ़ाने वाला रहा। इस साल मानसून के दौरान 15% कम बारिश हुई है। इसे करीब 17 वर्षों में सबसे सूखा मानसून बताया गया है। 1 जून से 21 सितंबर के बीच देश में औसत से कम बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सामान्य करीब 703.7 मिमी बारिश के मुकाबले लगभग 125.5 मिमी कम बारिश हुई।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मानसून सीजन अब अपने अंतिम चरण में है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार पंजाब में अगले एक सप्ताह तक बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है और अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य और साफ रहने का अनुमान है। हरियाणा में भी मानसून की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश की कमी पूरी करना मुश्किल हो सकता है।

