देहरादून में भी तैयार हो रहा 181 फीट का रावण, 40 कारीगरों की टीम ने तीन महीने में बनाया पुतला
Yuva Haryana: दशहरा पर्व को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार रावण दहन के आयोजन अपनी भव्यता और विशालकाय पुतलों के कारण खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रहे हैं। हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा निवासी तजेंद्र चौहान ने दिल्ली और पंचकूला के लिए 221-221 फीट ऊंचे रावण के पुतले तैयार किए हैं। वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी 181 फीट ऊंचा रावण बनाया जा रहा है। इन विशाल पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
तजेंद्र चौहान और उनकी टीम ने पुतलों को तैयार करने में करीब तीन महीने का समय लगाया। दिल्ली में तैयार किया गया 221 फीट ऊंचा रावण अपनी ऊंचाई और आकर्षक सजावट के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले साल भी तजेंद्र चौहान ने राजस्थान के कोटा में 233 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन करवाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।
40 कारीगरों की टीम ने तैयार किए विशाल पुतले
रावण के इतने विशाल पुतले तैयार करना आसान काम नहीं है। इसके लिए विशेष तकनीक, मजबूत ढांचे और अनुभवी कारीगरों की जरूरत होती है। तजेंद्र चौहान ने करीब 40 कारीगरों की टीम के साथ लगातार तीन महीने तक काम करके इन पुतलों को तैयार किया है। पुतलों को मजबूत बनाने के साथ-साथ उनकी सजावट और बनावट पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में तैयार किए गए 221 फीट ऊंचे रावण के निर्माण में लगभग 70 क्विंटल लोहे का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, करीब 24 फीट लंबे 700 बांस और लगभग 4,000 मीटर कपड़े का उपयोग किया गया है। इतने बड़े ढांचे को खड़ा करने और सुरक्षित रखने के लिए मजबूत संरचना तैयार की गई है।
सिर से तलवार तक हर हिस्सा विशाल
दिल्ली और पंचकूला के लिए बनाए गए रावण के पुतलों की ऊंचाई ही नहीं, बल्कि उनके अलग-अलग अंगों का आकार भी काफी बड़ा है। इनके सिर पर 58 फीट ऊंचा मुकुट, 25 फीट का चेहरा, 8 फीट की गर्दन और 90 फीट का धड़ बताया गया है। पुतले के पैरों की ऊंचाई 40 फीट और जूतों की ऊंचाई 10 फीट है। इसके अलावा, रावण की तलवार 50 फीट लंबी और जूते 40 फीट लंबे बताए गए हैं।
इन विशाल आकारों के कारण पुतलों को दूर से भी आसानी से देखा जा सकता है। आकर्षक रंगों और सजावट से सजे ये पुतले दशहरा आयोजन के मुख्य आकर्षणों में शामिल होंगे।
देहरादून में 181 फीट ऊंचा रावण
देहरादून के परेड ग्राउंड में भी 181 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। इसकी ऊंचाई के साथ-साथ इसके आकार और सजावट को भी खास बनाया गया है। इस पुतले का मुकुट 45 फीट ऊंचा, चेहरा 20 फीट का और गर्दन 6 फीट की होगी। इसके धड़ की लंबाई 80 फीट तथा पैरों की ऊंचाई 32 फीट बताई गई है।
देहरादून में बनाए जा रहे पुतले के जूतों की ऊंचाई छह फीट और लंबाई 36 फीट होगी। वहीं, इसकी तलवार 35 फीट लंबी होगी। विशालकाय पुतले को तैयार करने का उद्देश्य दशहरा उत्सव को भव्य रूप देना और लोगों के लिए आकर्षण पैदा करना है।
रावण दहन देखने उमड़ेंगे लोग
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय की स्मृति में रावण के पुतलों का दहन किया जाता है। दिल्ली, पंचकूला और देहरादून में तैयार हो रहे विशाल पुतले इस परंपरा को भव्य रूप देने की तैयारी का हिस्सा हैं।
आयोजनों में रावण दहन के साथ लोगों को उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा। हालांकि, कार्यक्रम का समय और प्रवेश से जुड़ी जानकारी के लिए आयोजकों की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी होगा। इतने बड़े पुतलों के निर्माण से कारीगरों की मेहनत, तकनीकी कौशल और दशहरा आयोजनों की भव्यता भी सामने आती है।

