Yuva Haryana: अंबाला छावनी में 1857 की ‘आजादी की पहली लड़ाई’ को समर्पित शहीद स्मारक का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि स्मारक का जल्द उद्घाटन होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इस स्मारक का निर्माण अंबाला छावनी में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को केंद्र में रखकर किया गया है।
विज शुक्रवार को यमुनानगर में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बैठक में 16 शिकायतों का निपटारा किया गया और संबंधित अधिकारियों को आगामी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष पर निशाना
चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग, ईडी और सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का अभियान चला रहा है।
विज ने राहुल गांधी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल से करते हुए कहा कि विपक्ष देश में तानाशाही लाना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
बोले- लोकतंत्र में मतदान महत्वपूर्ण
विज ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक नेताओं के बयानों से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि मतदाता क्या फैसला करता है। उन्होंने हाल के छात्रसंघ चुनावों का उदाहरण देते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय में ABVP द्वारा चार केंद्रीय पदों में से तीन जीतने का उल्लेख किया। हालांकि, उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीता।
पंजाब विश्वविद्यालय में भी ABVP के अंकित बिधान ने अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।
विज ने इन परिणामों को युवाओं और Gen-Z के राजनीतिक रुझान से जोड़ते हुए कहा कि युवा विपक्ष को समझ चुके हैं और विपक्ष इससे बौखला गया है।
त्योहारों में जाम रोकने के निर्देश
त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था पर विज ने कहा कि पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। इसके लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था करने को कहा गया है।
हरियाणा रोडवेज में करीब 400 बसें आएंगी
हरियाणा रोडवेज के बेड़े को लेकर पूछे गए सवाल पर विज ने कहा कि लगभग 400 नई बसें बेड़े में शामिल होने वाली हैं।
पृष्ठभूमि: अंबाला का यह शहीद स्मारक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इतिहास को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार परियोजना करीब 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग ₹600 करोड़ की लागत से विकसित की गई है।

