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हरियाणा में IPS वाई पूरन सुसाइड का मामला गरमाया, सियासी उबाल से लेकर अब तक की सारी अपडेट यहां पढ़िए

Yuva Haryana : इन दिनों हरियाणा में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला पूरा गरमाया हुआ है। इस सुसाइड केस ने हरियाणा के प्रशासनिक सिस्टम और राजनीतिक गलियारे में बड़ी हलचल मचा रखी है। देशभर के बड़े राजनेता भी इस मामले में सिस्टम पर सवाल उठा रहे है।

सीएम नायब सिंह सैनी खुद पूरी स्थिति पर निगाह रखे हुए है। सीएम द्वारा पार्टी के दलित नेताओं और सीएम ऑफिस के अधिकारियों को वाई पूरन कुमार के परिवार को पोस्टमार्टम और संस्कार के लिए राजी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार और कृष्ण बेदी वाई पूरन कुमार के घर डेरा डाले हुए है, लेकिन पूरन कुमार की धर्मपत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार और उनका परिवार अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बहुत दुखद हादसा बताया और कहा कि सरकार इसकी गहन जांच कराएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को जरूर सजा मिलेगी, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों। सीएम ने विपक्ष से इस मामले का राजनीतिकरण न करने को कहा।

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वहीं चंडीगढ़ पुलिस ने भी पूरन कुमार के परिवार की एक मांग को मानते हुए एफआईआर में लगाए गए अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST Act) एक्ट में धारा 3(2)(वी) को जोड़ दिया है। परिवार लगातार ये धारा जोड़ने की मांग कर रहा था। परिवार का कहना था कि एफआईआर में SC/ST एक्ट तो लगाया गया है, लेकिन उसके सख्त सेक्शन नहीं लगाए गए हैं।

आपको बता दें कि अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट की धारा 3(2)(वी) के प्रावधान को तब लागू किया जाता है, जब किसी अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर गंभीर चोट या मृत्यु का सामना करना पड़ता है। इस धारा के तहत दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है।

वहीं हरियाणा सरकार ने आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया को हटा दिया है। आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की पत्नी ने उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए थे। वहीं सीएम नायब सैनी ने कैबिनेट बैठक स्थगित कर मंत्रियों के साथ एक बैठक भी की, जिसमें डीजीपी को छुट्टी पर भेजने का प्रस्ताव रखा गया।

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नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कहा कि वाई पूरन कुमार की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक जहर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है। उन्होंने कहा कि जब एक अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़े तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा। राहुल गांधी ने कहा कि रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब पूरन की मृत्यु जैसी घटनाएं बताती हैं कि वंचित वर्ग के खिलाफ अन्याय अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस की नफरत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है।  राहुल गांधी ने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े और मुस्लिम आज न्याय की उम्मीद खोते जा रहे है, ये संघर्ष केवल पूरन  का नहीं, हर उस भारतीय का है जो संविधान, समानता और न्याय में विश्वास रखता है।”

इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हरियाणा सरकार से इस मामले में इंसाफ सुनिश्चित करने की अपील की। यहीं नहीं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी परिवार से मुलाकात की।

आपको बता दें कि हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी सुसाइड की एक फोटो भी सामने आई है, फोटो में उनकी डेड बॉडी चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित कोठी नंबर 116 के बेसमेंट में बने साउंड प्रूफ कमरे में सोफे पर पड़ी नजर आ रही है। 52 वर्षीय वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिससे पर यह मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।

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वाई पूरन कुमार ने सुसाइड नोट में क्या लिखा ?
वर्षों तक मुझे मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा
सार्वजनिक रूप से मुझे अपमानित और शर्मिंदा किया गया
मेरे द्वारा की गई शिकायतों की जांच तक नहीं की गई
2020 से मेरे साथ भेदभाव, अपमान, मानसिक उत्पीड़न शुरू हुआ
तत्कालीन डीजीपी मनोज यादव ने मेरा उत्पीड़न किया
मुझे हरियाणा कैडर के अन्य अधिकारी आज भी प्रताड़ित कर रहे
तत्कालीन गृह एसीएस राजीव अरोड़ा ने मुझे छुट्टियां नहीं दी
मैं अपने बीमार पिता से मिलने तक नहीं जा सका
मेरे खिलाफ छद्म नामों से दुर्भावनापूर्ण शिकायतें की गई
सरकारी आवास के लिए मेरे ऊपर अतिरिक्त नियम लागू किए
नवंबर 2023 में मेरा सरकारी वाहन वापस ले लिया गया
अब मैं और प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं कर सकता
मैंने सब कुछ खत्म करने का फैसला लिया है

First published on: October 12, 2025 03:41 PM

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